वन साथी पर योग्य वर की तलाश में एक अधिकारी को जालसाज ने एयरपोर्ट अधिकारी बनकर फंसा लिया। फिर चैटिंग कर 52 बार में 2.77 लाख रुपये ऐंठ लिए।
ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, साइबर ठगों ने युवती समेत दो के खातों से 2.23 लाख रुपये उड़ा लिए। पीड़ितों ने काकोरी व कैंट कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उत्तराखंड बागेश्वर निवासी गोमतीनगर में रहती हैं और आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर कार्यरत है। उन्होंने शादी के लिए जीवन साथी पर प्रोफाइल बनायी थी। 20 दिसंबर को उनके पास एक कॉल आई। कॉलर ने अपना नाम सिद्धार्थ अग्रवाल बताया।
बातचीत में आरोपित ने खुद को एयरपोर्ट अथॉरिटी लखनऊ में ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर बताया था। जिसके बाद उनके बीच बातचीत होने लगी। आरोपित शादी का प्रपोजल रखा, जो महिला ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद जालसाज ने 22 दिसंबर 2025 से 13 मार्च 2026 के बीच 52 बार में 2,77,430 रुपये ट्रांसफर करा लिए।शक होने पर पीड़िता ने पड़ताल की तो ठगी का एहसास हुआ। वहीं, काकोरी के काजीखेड़ा निवासी 20 वर्षीय कंचन का बैंक ऑफ इंडिया काकोरी व बैंक आफ बड़ाैदा दशहरी खाता में है। उन्होंने बताया कि साइबर जालसाज ने 14 अप्रैल को उनके खाते से चार बार में 1,49,696 रुपये पार कर दिए।
रुपये कटने का मैसेज देख पीड़िता के होश उड़ गए। बैंक में शिकायत करने के बाद पीड़िता कंचन ने काकोरी थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है। उधर, कैंट के नीलमथा शारदानगर निवासी कैलाश गुरुंग ने बताया कि फेसबुक पर गाड़ी का सामान खरीदने का एक पेज देखा।
संपर्क करने पर जालसाज ने बातों में फंसाया। उसके बाद कई बार में 73,100 रुपये ट्रांसफर करा लिए। डिलीवरी नहीं होने पर पीड़ित ने कॉल की तो ठगी का पता चला। पीड़ित ने कैंट कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करायी है।
