कोलकाता, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में चुनावी अभियान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मतुआ ठाकुर मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान, उन्होंने श्री श्री हरिचंद ठाकुर और श्री श्री गुरुचंद ठाकुर को भी याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मतुआ मंदिर में दर्शन की तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “आज दिन में मैंने मतुआ ठाकुर मंदिर में पूजा-अर्चना की। श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी और श्री श्री गुरुचंद ठाकुर जी के आदर्श हमारे समाज को निरंतर आलोकित कर रहे हैं।”
एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने एक पुरानी तस्वीर शेयर की, जिसमें वे ‘बोरो मां’ के साथ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “आज, जब मैं मतुआ ठाकुर मंदिर में था, तो मुझे कुछ साल पहले इस मंदिर की अपनी पिछली यात्रा याद आ गई, जब मुझे ‘बोरो मां’ का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ था।”
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के बनगांव में ‘विजय संकल्प सभा’ को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मैं मतुआ-नामशूद्र और अन्य सभी शरणार्थी परिवारों से कहूंगा कि आपको नागरिकता भी मिलेगी, आपको पक्का एड्रेस मिलेगा, आपको हर वो कागज मिलेगा, हर वो हक मिलेगा, जो किसी भी भारतवासी को मिलता है।”
उन्होंने कहा, “आज बॉनगांव से मैं डंके की चोट पर घुसपैठियों को भी चेतावनी देना चाहता हूं। जो भी अवैध तरीके से बंगाल में घुस आया है, जो फर्जी डॉक्यूमेंट लेकर यहां रह रहा है, वो 29 अप्रैल से पहले बंगाल और हिंदुस्तान छोड़ दे। वरना, 4 मई के बाद हर घुसपैठिए को खदेड़ा जाएगा। टीएमसी, किसी भी घुसपैठिए को अब बचा नहीं पाएगी।”
जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “बंगाल का ये चुनाव अब अंतिम चरण में है, लेकिन आपने एक बात नोटिस की होगी, 15 साल पहले टीएमसी ‘मां-माटी-मानुष’ की बातें करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब इनके मुंह से ‘मां-माटी-मानुष’ ये शब्द तक नहीं निकलते। ये टीएमसी वाले अगर ‘मां-माटी-मानुष’ की याद दिलाएंगे तो इनके पाप सामने आ जाएंगे। क्योंकि टीएमसी की निर्ममता ने मां को रुला दिया, माटी को सिंडिकेट और घुसपैठियों के हवाले कर दिया और बंगाल के मानुष को पलायन के लिए मजबूर कर दिया।”
–आईएएनएस
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