नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार के दिन भारत की झोली में जूडो में 2 स्वर्ण पदक आए। अस्मिता डे ने पहला स्वर्ण पदक जीता, जबकि दूसरा स्वर्ण पदक हर्ष सिंह ने जीता। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अस्मिता डे और हर्ष सिंह को उनकी ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आधिकारिक एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, “ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय जूडोका बनकर इतिहास रचने पर अस्मिता डे को बहुत-बहुत बधाई। आपकी शानदार जीत पक्के इरादे, हुनर और लगन का एक शानदार उदाहरण है। आपकी सफलता कई उभरते हुए एथलीटों को आपके नक्शेकदम पर चलने के लिए प्रेरित करेगी। आप नई ऊंचाइयों को छूती रहें।”
राष्ट्रपति ने हर्ष सिंह को भी बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, “ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जूडो में गोल्ड मेडल जीतने पर हर्ष सिंह को बहुत-बहुत बधाई। आपके शानदार स्किल, धैर्य और लगन ने भारत को एक और शानदार खेल का मौका दिलाया है। आप देश को और भी सम्मान दिलाते रहें।”
अस्मिता ने महिलाओं की 48 किग्रा जूडो फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वैच को हराया। अस्मिता कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली जूडोका बनीं। अस्मिता की जीत के कुछ ही मिनट बाद हर्ष सिंह ने पुरुषों को 60 किग्रा फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को हराया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष हैं।
अस्मिता और हर्ष के अलावा यामिनी मौर्य ने भी जूडो में रजत पदक जीता। महिलाओं के 57 किग्रा के फाइनल में यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीता। फाइनल में उनका मुकाबला इंग्लैंड की एसेलिया टोपराक से साथ था। यामिनी को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा और रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत का दिन का जूडो में यह तीसरा पदक था।
अस्मिता और हर्ष का स्वर्ण, और यामिनी का रजत पदक वैश्विक स्तर पर जूडो में भारत के बढ़ते दबदबे को दिखाता है।
–आईएएनएस
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