मदुरै, 26 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु में पेरम्बलुर जिले के कुन्नम में हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के उप महासचिव और तमिलनाडु के सामाजिक न्याय मंत्री वन्नियरासु ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्य की राजनीति सभ्य और लोकतांत्रिक बनी रहनी चाहिए।
वन्नियारसु मंगलवार को चेन्नई से अपने गृह जिले विरुधुनगर जाते समय मदुरै एयरपोर्ट पहुंचे थे। यहां वीसीके कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। समर्थकों ने उन्हें शॉल, फूल-मालाएं और गुलदस्ते भेंट किए। हालांकि स्वागत के दौरान उन्हें सम्मानित करने की होड़ में कुछ देर के लिए हल्का हंगामा भी देखने को मिला।
मीडिया से बातचीत में वन्नियारसु ने कुन्नम हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना पूरी तरह अस्वीकार्य है और ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने बताया कि पहले जिला स्तर पर एक विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई थी, लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व ने इसे जरूरी नहीं मानते हुए वापस लेने का निर्देश दिया था। हालांकि कुछ कार्यकर्ता इस बदले हुए फैसले से अनजान थे और कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए।
वन्नियारसु ने आरोप लगाया कि वहां डीएमके कार्यकर्ताओं ने वीसीके कार्यकर्ताओं पर पथराव किया और बेहद हिंसक व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख थोल. थिरुमावलवन हमेशा राजनीति में हिंसा के खिलाफ रहे हैं और उन्होंने कभी भी राजनीतिक गतिविधियों में हिंसा को जगह नहीं दी।
मंत्री ने यह भी कहा कि वीसीके और डीएमके के बीच लंबे समय से राजनीतिक संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ डीएमके नेताओं की नाराजगी या असंतोष की वजह उन्हें समझ नहीं आ रही है।
कर्नाटक के मेकेदातु बांध परियोजना पर भी वन्नियारसु ने अपनी पार्टी का विरोध दोहराया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना किसानों के खिलाफ है और इस मुद्दे पर तमिलनाडु सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।
कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि नई सरकार को हालात पूरी तरह संभालने और स्थिर करने के लिए थोड़ा समय दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने दबे-कुचले समुदायों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने, पुलिस को जाति और धर्म से ऊपर उठकर काम करने और ऑनर किलिंग रोकने के लिए अलग कानून बनाने की मांग भी दोहराई।
–आईएएनएस
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