सोशल मीडिया पर 'बिजली संकट' का दावा भ्रामक, पीआईबी फैक्ट चेक ने किया खंडन


नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। कोयले की कमी के कारण भारत गंभीर बिजली संकट और ग्रिड फेलियर का सामना कर रहा है। पीआईबी फैक्ट चेक ने रविवार को सोशल मीडिया पर फैल रही इस खबर को सिरे से खारिज किया है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में यह स्पष्ट किया है कि भारत में न तो कोई बिजली संकट है और न ही ग्रिड फेल होने जैसी स्थिति बनी है।

दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि कोयले की कमी के कारण देश गंभीर बिजली संकट और ग्रिड फेलियर का सामना कर रहा है। इस दावे को भ्रामक बताते हुए एजेंसी ने कहा कि यह केवल लोगों में अनावश्यक घबराहट फैलाने की कोशिश है।

एजेंसी ने बताया कि 2 मई 2026 को देश में अधिकतम बिजली की मांग 229 गीगावॉट (जीडब्ल्यू) दर्ज की गई थी, जिसे पूरी तरह से पूरा किया गया। इस दौरान कहीं भी बिजली की कमी की स्थिति नहीं बनी। इसके अलावा, थर्मल पावर प्लांट्स के पास वर्तमान में कुल 53.702 मिलियन टन कोयला उपलब्ध है, जो जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने यह भी कहा कि देश में बिजली की उपलब्धता पूरी तरह संतोषजनक है और ग्रिड संचालन तथा वितरण पूर्व निर्धारित योजनाओं के अनुसार सुचारू रूप से किया जा रहा है। ग्रिड सुरक्षा को लेकर भी एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि मौजूदा फ्रीक्वेंसी कंट्रोल डिफेंस मैकेनिज्म पर्याप्त ऑपरेशनल मार्जिन प्रदान करते हैं, जिससे ग्रिड का संचालन सुरक्षित बना हुआ है।

पोस्ट में आगे कहा गया कि इस तरह की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और यदि उन्हें भारत सरकार से संबंधित कोई संदिग्ध या भ्रामक जानकारी मिलती है तो तुरंत इसकी सूचना दें। इसके लिए पीआईबी फैक्ट चेक ने व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी भी साझा किया है।

–आईएएनएस

पीएसके


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