भारतीय अंडर-18 महिला टीम के प्रदर्शन पर कोच रानी बोलीं, 'आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है ब्रॉन्ज मेडल'


नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम की कोच रानी रामपाल ने एशिया कप में जीते गए ब्रॉन्ज मेडल को टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताया है। वहीं, टीम की कप्तान स्वीटी कुजूर ने ब्रॉन्ज जीतने की खुशी जताई, लेकिन कहा कि गोल्ड मेडल नहीं जीत पाने का थोड़ा अफसोस भी है।

कप्तान स्वीटी ने माना कि टीम में गोल्ड जीतने की क्षमता थी, लेकिन फिर भी यह मेडल भविष्य के लिए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगा। भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन टूर्नामेंट में शानदार रहा। पूल स्टेज में भारतीय टीम ने अपने तीनों ही मुकाबले जीते और टीम पहले स्थान पर रही। पूल स्टेज में भारतीय टीम ने 30 गोल किए और विपक्षी टीम को महज 2 गोल करने का मौका दिया।

हालांकि, भारतीय टीम को सेमीफाइनल मुकाबले में चीन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। चार क्वार्टर के बाद स्कोर 2-2 पर रखने के बाद भारतीय टीम को शूटआउट में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए मुकाबले में टीम का प्रदर्शन दमदार रहा। भारतीय टीम ने कोरिया को 3-0 से हराते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया और टूर्नामेंट का अंत तीसरे स्थान पर रहते हुए किया।

टीम के प्रदर्शन पर ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए हेड कोच रानी रामपाल ने कहा, “यह इन खिलाड़ियों के लिए सिर्फ शुरुआत है, और उनके सामने हॉकी का एक लंबा सफर है। मेरा मानना ​​है कि यह मेडल और एशिया कप टूर्नामेंट उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है, और यह उन्हें भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा।”

ब्रॉन्ज मेडल के लिए कोरिया के खिलाफ हुए मुकाबले में संदीपा कुमारी (2वें मिनट), कैप्टन स्वीटी कुजूर (16वें मिनट) और नौशीन नाज (33वें मिनट) ने भारतीय टीम की तरफ से गोल किया। कप्तान स्वीटी ने टीम के प्रदर्शन को लेकर कहा, “हम खुश हैं, लेकिन साथ ही थोड़े निराश भी हैं क्योंकि हमने जो गोल अपने लिए तय किया था, उसे पूरी तरह हासिल नहीं कर पाए। हमें विश्वास था कि हमारी टीम गोल्ड मेडल जीतने के काबिल है, लेकिन हम अपनी ही गलतियों की वजह से पीछे रह गए।”

–आईएएनएस

एसएम/पीएम


Related Articles

Latest News