ओडिशा पुलिस ने गोल्ड लोन धोखाधड़ी मामले में एसबीआई के एक कर्मचारी को किया गिरफ्तार


भुवनेश्वर, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है, जो फिलहाल निलंबित था। उस पर करीब 5.21 करोड़ रुपए की गड़बड़ी करने का आरोप है।

आरोपी की पहचान प्रशांत कुमार मलिक के रूप में हुई है, जो जगतसिंहपुर जिले की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बालिचंदनपुर शाखा में सीनियर एसोसिएट-कम-कैश इंचार्ज के रूप में कार्यरत था और साथ ही गोल्ड अप्रेजर की जिम्मेदारी भी संभाल रहा था।

ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मलिक को 10 फरवरी 2026 को दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला एसबीआई के जगतसिंहपुर क्षेत्रीय प्रबंधक पीयूष रंजन स्वैन की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अक्टूबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच आरोपी ने गोल्ड अप्रेजर के पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 5.21 करोड़ रुपए की सार्वजनिक धनराशि का गबन किया। उसने बिना उचित दस्तावेज और असली सोने के आभूषणों के 105 गोल्ड लोन स्वीकृत और वितरित किए।

गोल्ड अप्रेजर का काम सोने के आभूषणों की जांच और मूल्यांकन करना होता है, ताकि उनकी पात्रता तय की जा सके और दस्तावेजों के अनुसार गोल्ड लोन की सिफारिश की जा सके। साथ ही उसे गिरवी रखे गए सोने और लोन दस्तावेजों की सुरक्षा भी संभालनी होती है।

जांच में सामने आया कि 2025 में एसबीआई की बालासोर शाखा की मुख्य प्रबंधक मनोरमा राउत के निरीक्षण के दौरान मलिक लोन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और बिना सूचना के वहां से फरार हो गया।

इसके बाद की गई ऑडिट जांच में पाया गया कि 105 गोल्ड लोन खातों में अनियमितता हुई थी, जिनमें से 31 मामलों में नकली या घटिया सोना गिरवी रखा गया था, जबकि 74 मामलों में बिना किसी सोने के ही लोन मंजूर कर दिए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि कई जरूरी दस्तावेज, गोल्डस्मिथ वैल्यूएशन रिपोर्ट और हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए।

पुलिस के अनुसार, लोन मंजूर करने के बाद आरोपी ने रकम को अपने और अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया और उसका गबन किया।

आरोपी को 21 अप्रैल को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया और बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

–आईएएनएस

एएमटी/एबीएम


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