नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय चुनाव आयोग ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2026 के तहत तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अब तक 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की जब्ती की गई है।
चुनाव आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव और उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। इसके बाद से आदर्श आचार संहिता के सख्त पालन के निर्देश दिए गए हैं।
ईसीआई ने चुनाव वाले राज्यों और उनके सीमावर्ती इलाकों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी), मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ कई समीक्षा बैठकें की हैं। आयोग ने सभी अधिकारियों को हिंसा-मुक्त, भय-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतों पर कार्रवाई के लिए दोनों राज्यों में कुल 5,011 फ्लाइंग स्क्वाड टीमें (एफएसटी) तैनात की गई हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल में 2,728 और तमिलनाडु में 2,283 टीमें शामिल हैं। इसके अलावा 5,363 स्टेटिक निगरानी टीमें (एसएसटी) भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात की गई हैं, जो चेकिंग और निगरानी का काम कर रही हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, 26 फरवरी 2026 से 22 अप्रैल 2026 तक तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की गई कार्रवाई में कुल 1,072.13 करोड़ रुपए की जब्ती हुई है। इसमें नगद, शराब, मादक पदार्थ, कीमती धातु और अन्य मुफ्त वस्तुएं शामिल हैं।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 472.89 करोड़ रुपए और तमिलनाडु में 599.24 करोड़ रुपए की जब्ती दर्ज की गई है।
चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जांच और निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत समितियां बनाई गई हैं।
इसके अलावा, नागरिक और राजनीतिक दल ऐप के जरिए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
23 अप्रैल को तमिलनाडु की सभी सीटों और पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 152 सीटें पर मतदान होने वाला है।
–आईएएनएस
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