देहरादून में बिना लाइसेंस कोई भी व्यक्ति दवा का कारोबार नहीं कर सकता: ताजबर सिंह जग्गी


देहरादून, 9 जून (आईएएनएस)। देहरादून प्रशासन ने बिना लाइसेंस वाली फार्मेसी और अवैध दवा कारोबार पर शिकंजा कस दिया है। एडिशनल कमिश्नर एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने स्पष्ट कहा कि बिना लाइसेंस कोई भी व्यक्ति दवा का कारोबार नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में बिना लाइसेंस वाली फार्मेसी और फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 89 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रशासन की इस पैनी नजर से अवैध ड्रग्स के कारोबार पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

देहरादून में आईएएनएस से बातचीत में एडिशनल कमिश्नर एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि बिना लाइसेंस कोई भी व्यक्ति दवा कारोबार नहीं कर सकता। यदि कोई बिना लाइसेंस कार्य करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी)/27 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता है, जिसमें न्यूनतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। जहां तक फर्जी डॉक्टरों का सवाल है, इसके लिए हमारी डीएलसी टीम जिला प्रशासन और सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करती है। यदि कोई व्यक्ति फर्जी डॉक्टर बनकर कार्य करता है तो उसके खिलाफ सीएमओ और उनकी टीम कार्रवाई करती है, जबकि दवाओं से संबंधित मामलों में ड्रग्स विभाग कार्रवाई करता है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान हमने 89 लोगों को गिरफ्तार किया है जो नशे का कारोबार, बिना लाइसेंस दवा व्यवसाय या नकली दवाओं के व्यापार में संलिप्त थे। इसके अलावा हमारे दो मामलों में अदालत का फैसला आ चुका है, जिनमें दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई गई है।

दूसरी ओर, भीषण गर्मी को लेकर देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने लोगों से कुछ सावधानी बरतने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक, डायरिया, जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। सभी सरकारी अस्पतालों को हीट स्ट्रोक मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में ओआरएस, आईवी फ्लूड्स, आइस पैक, कूलर और एसी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने कहा कि दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, सूती कपड़े पहनने और हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की है। साथ ही बासी भोजन से परहेज करने, स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीने तथा भोजन को ढककर रखने की सलाह दी गई है।

डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है। देहरादून और ऋषिकेश में डेंगू वॉलंटियर्स की तैनाती कर घर-घर जाकर लार्वा की जांच और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नगर निगम को नियमित फॉगिंग और लार्वा नियंत्रण गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को मौसम जनित बीमारियों से बचाव के लिए सतर्क रहने तथा स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करने की सलाह दी है।

सीएमओ ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर ली गई है, जबकि नियमित उपचार की आवश्यकता वाले गंभीर और पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीजों का डाटा संकलित किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि संभावित प्रसव तिथि से पहले गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में सुरक्षित प्रसव कराया जा सके।

उन्होंने बताया कि ऐसे मरीज जिन्हें सप्ताह में एक या दो बार अस्पताल आना पड़ता है, उनके लिए भी अलग कार्ययोजना बनाई जा रही है। सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में प्रशासन के सहयोग से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए माइक्रो प्लानिंग की जा रही है।

108 एंबुलेंस सेवा के प्रभारी अनिल शर्मा ने कहा कि चारधाम यात्रा और मानसून सीजन को देखते हुए 108 एंबुलेंस सेवा ने विशेष तैयारियां की हैं। पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर एंबुलेंसों की तैनाती जरूरत के अनुसार की जाती है। मुख्य यात्रा मार्गों पर करीब 75 एंबुलेंस सक्रिय हैं। अब तक चारधाम यात्रा के दौरान 3 हजार से अधिक आपातकालीन मामलों में 108 सेवा द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि प्री-मानसून बारिश, नेटवर्क बाधा, ट्रैफिक जाम और सड़क संपर्क प्रभावित होने जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की गई है कि पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें। ओवरस्पीडिंग और लापरवाही के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए सुरक्षित यात्रा के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।

–आईएएनएस

डीकेएम/वीसी


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