तेहरान, 30 मार्च (आईएएनएस)। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी के निधन की पुष्टि की है। ईरानी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तंगसीरी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी मौत की वजह ये चोट रही।
26 मार्च को ही इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और फिर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया था कि इजरायली सेना ने एक ऑपरेशन में तंगसीरी समेत कई अधिकारियों को मार गिराया है। अब ईरान की पुष्टि के बाद यह साफ हो गया है कि हमले में घायल होने के बाद तंगसीरी की मौत हो गई।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश जारी कर नेवी चीफ तंगसीरी के निधन की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया, ” बुधवार रात (25 मार्च), आईआरजीसी नेवी के कमांडर को मार गिराया गया। अलीरेजा तंगसीरी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पहरा लगा रखा था।”
नेतन्याहू से पहले देश के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने तंगसीरी की मौत के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने भी वीडियो संदेश में कहा, “बुधवार रात, एक सटीक और खतरनाक ऑपरेशन में, आईडीएफ ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नेवी कमांडर, तंगसीरी और नेवल कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों को खत्म कर दिया।”
तंगसीरी की मौत की खबर सबसे पहले इजरायली मीडिया ने इजरायली सैन्य अधिकारी के हवाले से दी थी, दावा किया गया कि उसने (सेना) ईरान के बंदर अब्बास शहर पर किए हमलों में नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को मार दिया।
अलीरेजा तंगसीरी आईआरजीसी नेवी के प्रमुख थे और उन्हें ईरान की समुद्री सैन्य रणनीति का अहम चेहरा माना जाता था।
होर्मुज में जहाजों की निगरानी और सैन्य कार्रवाई में उनकी बड़ी भूमिका रही थी। दक्षिणी ईरान के बुशहर प्रांत में जन्मे तंगसीरी, ईरान-इराक युद्ध और तथाकथित टैंकर युद्ध (यह 1980 के दशक में ईरान के साथ अमेरिका का पहला संघर्ष था) में अहम भूमिका निभाने के बाद आईआरजीसी नेवी का हिस्सा बने।
तंगसीरी ने बंदर अब्बास में आईआरजीसी नेवी के पहले नेवल डिस्ट्रिक्ट की कमान संभाली और 2010 से 2018 तक डिप्टी कमांडर के तौर पर काम किया, जिसके बाद उन्होंने फोर्स के चीफ का पद संभाला।
तंगसीरी की मौत की पुष्टि के साथ ही उनका नाम भी उन वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की बढ़ती लिस्ट में शामिल हो गया है जो 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद मारे गए। इस फेहरिस्त में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई, पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद, सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी, रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह, और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पाकपुर सहित कई प्रमुख सैन्य अधिकारी शामिल हैं।
–आईएएनएस
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