एक लाख से अधिक किसानों ने दी Ganga Expressway के लिए जमीन,सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया अन्नदाताओं का आभार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्ण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में अन्नदाताओं की भी बड़ी भूमिका है।

इसका काम तभी पूरा हो सका जब प्रदेश के एक लाख के अधिक किसान अपनी जमीन देने को तैयार हुए। मुख्यमंत्री ने किसानों को धन्यवाद ज्ञापित किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर

उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए कुल लगभग 18,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई। इसके अलावा कॉरिडोर के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के लिए अब तो अलग से 7,000 एकड़ जमीन रिजर्व की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि मेरठ से प्रयागराज तक के 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के लिए 18,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसके साथ ही लगभग 7,000 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जो युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे। इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने 12 जनपदों के उन एक लाख से अधिक अन्नदाता किसानों का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपनी भूमि देकर इस विकास यात्रा में बहुमूल्य योगदान दिया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों की भूमिका के बिना गंगा एक्सप्रेसवे संभव नहीं होता। एक लाख से ज़्यादा अन्नदाताओं ने ज़मीन देकर विकास की इस बड़ी इबारत को लिखने में अपना योगदान दिया। अब यह एक्सप्रेसवे यूपी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला गेम चेंजर साबित होने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर भक्त प्रह्लाद, वामन और नरसिंह अवतार की पावन भूमि हरदोई में आज का यह अवसर अत्यंत विशेष है। ‘देवी सुरेश्वरी, भगवती गंगे!’ प्रह्लाद और नरसिंह भगवान की पावन धरा, हरदोई में मैं आपका हृदय से स्वागत करता हूं।” तपोभूमि हरदोई से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति प्राप्त होगी। यह एक्सप्रेस-वे देश में विश्वस्तरीय अवसंरचना के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। गांव, किसान, उद्यम और युवाओं को जोड़ने वाली यह ‘जीवन रेखा’ अवसरों को दूरी से मुक्त करेगी और विकास को गति देगी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर सिर्फ यह एक्सप्रेस-वे हमारी दूरी को ही कम नहीं कर रहे हैं, बल्कि इन सभी पर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी है। इसके साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अंदर इन एक्सप्रेसवे के माध्यम से अन्नदाताओं किसानों की उन्नति के ये एक्सप्रेसवे बने हैं, युवाओं के रोजगार के एक्सप्रेसवे बने हैं, आस्था और संस्कृति के एक्सप्रेसवे हैं और प्रदेश की समृद्धि के एक्सप्रेसवे बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के कायाकल्प पर जोर देते हुए कहा कि आज राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार की ताकत स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई दे रही है। प्रदेश में इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ ही हर जिला, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय को 4-लेन व 2-लेन सड़कों के जाल से जोड़ा जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश की असीम संभावनाओं (Unlimited Potential) को नई उड़ान देने के लिए एक्सप्रेस-वे, रैपिड रेल, इनलैंड वाटर-वे, मेट्रो और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण इस विकास यात्रा का प्रमाण है।

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