मिसिंग लिंक भूस्खलन और बारिश से हुई मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार: हर्षवर्धन सपकाल


मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई-पुणे ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना में हुए भूस्खलन, मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश से बिगड़े हालात, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कार्यप्रणाली को लेकर राज्य सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने इन घटनाओं के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के तीन देशों के आधिकारिक दौरे और मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में एक हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी।

मुंबई-पुणे ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना में भूस्खलन की घटना पर हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा का भ्रष्ट चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। जिस प्रकार राम मंदिर को लेकर पहले लीकेज और फिर चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए, उसी तरह महाराष्ट्र में भी भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश और इससे जुड़े हादसों में 12 से अधिक लोगों की मौत हुई है और इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में मिसिंग लिंक परियोजना को तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए कई सुझाव दिए गए थे, लेकिन बाद में उन सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया। तकनीकी पहलुओं की अनदेखी और कथित भ्रष्टाचार के कारण परियोजना की स्थिति बिगड़ी और आज इसके गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुंबई में लगातार हो रही बारिश, पेड़ गिरने, मकान ढहने और जलभराव की घटनाओं को लेकर भी सपकाल ने राज्य सरकार और बीएमसी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने मुंबई को ‘तुंबई’ बना दिया है। राज्य में कई वर्षों से भाजपा सत्ता में है और अब मुंबई में भी ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ होने के बावजूद नागरिक मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। सरकार केवल अपनी उपलब्धियों का प्रचार करती है, जबकि नागरिक सुविधाओं और आपदा प्रबंधन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। मानखुर्द में मकान गिरने, पेड़ गिरने और मैनहोल में गिरने जैसी घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार टिकाऊ विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) की जगह ठेकेदारी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है, जिसके परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के तीन देशों के आधिकारिक दौरे पर भी हर्षवर्धन सपकाल ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को विदेश दौरों के साथ-साथ देश के अंदर के मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्हें ‘मन की बात’ में पेपर लीक जैसे मामलों और राम मंदिर के चंदे से जुड़े विवादों पर भी अपनी बात रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी इन मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं और नैतिक जिम्मेदारी निभाने से बच रहे हैं।

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में एक हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने के मुद्दे पर सपकाल ने वक्फ कानून में किए गए संशोधनों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड में संशोधन का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित करना था। भविष्य में मंदिरों की संपत्तियों के साथ भी इसी प्रकार का व्यवहार किया जा सकता है। उन्होंने उज्जैन के महाकाल मंदिर से जुड़े कथित विवादों और राम मंदिर से संबंधित मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार पारदर्शिता से बच रही है। विभिन्न संशोधनों और कानूनों के माध्यम से जमीनों और संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

–आईएएनएस

पीएसके/डीकेपी


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