प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील पर जहां विपक्ष लगातार हमलावर है, वहीं प्रदेश में भाजपा के एक मंत्री ने इसे व्यवहार में उतारकर नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। प्रदेश के जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक ने अपनी एस्कॉर्ट गाड़ियों की सुविधा स्वेच्छा से वापस कर दी है। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि अब वह जिला भ्रमण बाइक से करेंगे और लंबी दूरी की सरकारी यात्राओं में ट्रेन का उपयोग करेंगे।मंत्री के इस फैसले को भाजपा के भीतर “व्यवहारिक संदेश” के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इसका असर आने वाले दिनों में दूसरे मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों पर भी दिखाई दे सकता है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा संगठन भी कार्यकर्ताओं के बीच सादगी और संसाधन संरक्षण का संदेश ले जाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
दिनेश खटीक ने मंगलवार सुबह अपनी एस्कॉर्ट सुविधा वापस करने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। उन्होंने अपने आवास की सुरक्षा व्यवस्था भी कम कर दी है। अब उनके आवास पर केवल एक गनर तैनात रहेगा। मंत्री ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भी अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील की है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में देशवासियों से ईंधन बचत, गैरजरूरी खर्चों में संयम और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की थी। भाजपा इसे राष्ट्रीय हित और आर्थिक अनुशासन से जोड़कर देख रही है, जबकि विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
पीएम की अपील पर हमलावर है सपा
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री की अपील को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। इसी बीच कन्नौज से जुड़े एक सपा सांसद के कथित अभद्र बयान को लेकर मुकदमा दर्ज होने के बाद सियासी विवाद और बढ़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष की भाषा और रवैये की आलोचना की है।
