दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एक आध्यात्मिक और सामाजिक संस्था है, जो समय-समय पर जन जागरूकता के लिए धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करती है। इसी क्रम में यह सुंदरकांड पाठ आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करना है।लखनऊ के बक्शी का तालाब क्षेत्र के भोली गांव में तीन दिवसीय सुंदरकांड पाठ का आयोजन शुरू हो गया है। ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने पूरे गांव को भक्तिमय बना दिया।
साध्वी रितु भारती ने लंका में हनुमान जी की लंकिनी से भेंट का भी उल्लेख किया, जहां हनुमान जी ने मुष्टिका प्रहार से उसे परास्त किया। लंकिनी ने इस घटना को अपने जीवन का श्रेष्ठ सत्संग बताया। साध्वी ने रामचरितमानस की चौपाई के माध्यम से सत्संग के महत्व को समझाया, जिसमें कहा गया है कि स्वर्ग और मोक्ष के सभी सुख भी एक क्षण के सत्संग के बराबर नहीं हो सकते।
‘सत्य’ और ‘संग’ का मेल ही सत्संग
उन्होंने ‘सत्संग’ का अर्थ समझाते हुए बताया कि ‘सत्य’ और ‘संग’ का मेल ही सत्संग है, जिसका अर्थ है ईश्वर के साथ जुड़ना। उनके अनुसार, ईश्वर के साक्षात्कार के बाद ही सच्ची भक्ति की शुरुआत होती है।कार्यक्रम के दौरान साध्वी कात्यानी भारती, साध्वी मंदाकिनी भारती, साध्वी दीपा भारती और साध्वी अर्पण भारती ने सुमधुर भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। पहले दिन के आयोजन में भोली गांव के निवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस अवसर पर एपी सिंह (रिटायर एसएसपी), राज बहादुर सिंह (पूर्व प्रधान, भोली गांव) और तृप्ति तिवारी (अध्यक्ष, 51 शक्ति पीठ धाम बीकेटी) सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए ।
