लखनऊ: नीट और पेपर लीक पर महासंग्राम: राजभवन घेराव के दौरान पुलिस और NSUI कार्यकर्ताओं में तीखी झड़प

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कें आज एक बार फिर युवाओं के आक्रोश का गवाह बनीं। नीट (NEET) और देश-प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक घोटालों के खिलाफ छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) ने लखनऊ में एक जोरदार और आक्रामक प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ यह शांतिपूर्ण मार्च उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब राजभवन का घेराव करने जा रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इस तीखी झड़प में कई लोग घायल हुए यहां तक की बेहोश भी हो गए

आपको बता दें कि एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस के जरिए छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। लखनऊ यूनिवर्सिटी के एनएसयूआई अध्यक्ष राणा सुधांशु शर्मा और कांग्रेस प्रवक्ता सचिन ने भी पुलिस पर बदसलूकी और जानवरों जैसा व्यवहार करने के गंभीर आरोप मढ़े।

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस और एनएसयूआई ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। संगठन की तरफ से तीन प्रमुख मांगें उठाई गईं:

पहली मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस महाघोटाले की नैतिक जिम्मेदारी लें और तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।

दूसरी मांग: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA पर अविलंब पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए।

तीसरी मांग: पेपर लीक के सदमे के कारण जिन होनहार छात्रों ने दम तोड़ दिया, उनके पीड़ित परिवारों को ₹5 करोड़ का मुआवजा और घर के अन्य बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाए।

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