IPL के पूर्व कमिश्नर ने कहा कि मौजूदा IPL फॉर्मेट से BCCI और फ्रेंचाइजी को हर सीजन करीब 2,400 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। उनके मुताबिक, कम मैच इसकी सबसे बड़ी वजह है। उन्होंने कहा, यह वो नहीं जो हमने बेचा था।
उन्होंने स्पोर्ट्स स्टार के इंटरव्यू में कहा, शुरू में हर टीम को एक-दूसरे से दो बार खेलने का प्लान था। 2022 में 10 टीम होने पर 90 लीग मैच और चार नॉकआउट मैच होते। हालांकि, IPL ने होम-एंड-अवे सिस्टम बदलकर 74 मैच ही रखे। इससे फ्रेंचाइजियों को नुकसान हो रहा है। यह वो नहीं जो हमने बेचा था।
होम-एंड-अवे फॉर्मेट में छिपी है असली वैल्यू उन्होंने स्पोर्ट्सस्टार से कहा, IPL की असली वैल्यू होम-एंड-अवे फॉर्मेट में है। अगर कैलेंडर में मैचों की जगह नहीं थी, तो टीमों की संख्या नहीं बढ़ानी चाहिए थी। उन्होंने कहा, हमने IPL इस तरह नहीं बेचा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सभी टीमों ने इस बदलाव पर सहमति दी थी और कहा कि ऐसा नहीं हुआ होगा।
IPL के तीसरे सीजन में सस्पेंड हुए ललित मोदी को 2010 में IPL के तीसरे सीजन के फाइनल के तुरंत बाद BCCI ने सस्पेंड कर दिया। उसी साल अंडरवर्ल्ड से धमकियों का हवाला देते हुए वे भारत छोड़कर लंदन चले गए। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया और उनका पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया।
तब से ललित मोदी लंदन में रह रहे हैं। उनके खिलाफ IPL में खिलाड़ियों की बोली में हेराफेरी, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के मामले चल रहे हैं।
