कुपपाड़ा, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर की कुपवाड़ा पुलिस ने ‘नशा मुक्त अभियान’ के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। इसके तहत पुलिस उन सभी लोगों को चिन्हित करके उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो नशा तस्करी जैसी गतिविधियों में संलिप्त हैं। पुलिस का मुख्य मकसद जिले को नशा मुक्त घोषित करना है और इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के फैलाव को रोकने के लिए पूरी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है, जिसके अनुरूप मौजूदा समय में कदम उठाए जा रहे हैं। अब तक पुलिस की ओर से नशे के विरुद्ध उठाए गए कदमों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, अब तक जो लोग भी नशीले पदार्थों को बेचने जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं, उन्हें चिन्हित करके लुक आउट नोटिस जारी किया जा रहा है। इस नोटिस का मुख्य उद्देश्य यही है कि वो भाग नहीं सके, ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। पुलिस का मानना है कि नशे की आपूर्ति करने वाले तंत्र पर सीधा हमला होगा और जो लोग भी इसके झांसे में आ रहे हैं, उन पर रोक लगेगी।
इसके अलावा, जो लोग भी नशे को बेचने-खरीदने जैसे गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं, उनके खिलाफ ‘बाउंड डाउन’ की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, ताकि वो अपने तंत्र को विस्तारित नहीं कर सके। पुलिस का मुख्य मकसद ही इसके तंत्र को विस्तारित होने से रोकना है।
वहीं, जिलेभर में अफीम की खेती करने वाले लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और उन्हें प्रशासन की ओर से चेतावनी दी जा रही है कि अफीम की खेती करने से बचें, नहीं तो फिर उन्हें कड़ी कार्रवाई का सामना करना होगा। इसके अलावा, ड्राइवरों के लाइसेंस भी रद्द किए जा रहे हैं।
साथ ही, नशे की तस्करी में संलिप्त लोगों के आधिकारिक दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड और पासपोर्ट, को ब्लॉक किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि आरोपियों के दस्तावेजों को ब्लॉक करना जरूरी है, अन्यथा इसकी कार्रवाई अधूरी ही रह जाएगी।
पुलिस का कहना है कि वो नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी मिले तो उसे फौरन हमारे साथ साझा करे, ताकि हमें आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिल सके।
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