चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के चलते मेटा-मानुस के बीच दो अरब डॉलर की एआई डील रद्द की


नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप ‘मानुस’ को खरीदने के लिए मेटा की प्रस्तावित दो अरब डॉलर की डील को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए रोक दिया है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम दिखाता है कि क्रॉस-बॉर्डर टेक्नोलॉजी सौदों पर अब और सख्त निगरानी की जा रही है।

मॉडर्न ड‍िप्‍लोमेसी की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन (एनडीआरसी) ने 2021 में लागू किए गए विदेशी निवेश सुरक्षा नियमों के तहत इस डील को रद्द करने का आदेश दिया। इससे साफ होता है कि चीन अपने देश की टेक्नोलॉजी और टैलेंट को विदेशी कंपनियों तक जाने पर ज्यादा कंट्रोल रख रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया कि यह फैसला कंपनी के इनकॉर्पोरेशन की जगह से नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और डेटा सिक्योरिटी की बातों सहित चीन के साथ उसके अंदरूनी लिंक्स की वजह से लिया गया है।

इस घटनाक्रम से यह भी पता चलता है कि चीन संवेदनशील एआई टेक्नोलॉजी को विदेशी कंपनियों, खासकर अमेरिकी कंपनियों को देने के खिलाफ है। इससे ग्लोबल निवेशकों में भी सावधानी बढ़ने की उम्मीद है, जो ऐसे सौदों पर विचार कर रहे हैं।

‘मानुस’, जो एआई क्षेत्र में तेजी से उभरती कंपनी है, उसे अमेरिकी निवेशकों से फंडिंग मिली थी और बाद में उसने अपना बेस विदेश में शिफ्ट कर लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने कंपनी के चीन में मौजूद टैलेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े रिश्तों को गंभीरता से लिया।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस फैसले के तहत ‘मेटा’ और ‘मानुस’ के बीच की डील अब वापस ली जाएगी। इसमें शेयरों का लेन-देन उलटना, पैसा वापस करना और बौद्धिक संपत्ति लौटाना शामिल होगा, जो एआई जैसे सेक्टर में काफी जटिल प्रक्रिया होती है।

यह मामला उन चीनी मूल की टेक कंपनियों के लिए भी एक संकेत है जो ग्लोबल स्तर पर आगे बढ़ना चाहती हैं, क्योंकि अब रणनीतिक क्षेत्रों में नियम और सख्त होते जा रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जिन कंपनियों के ऑपरेशन या टेक्नोलॉजी का चीन से गहरा संबंध है, वे भले ही कहीं और रजिस्टर हों, फिर भी चीन के नियमों के दायरे में आ सकती हैं।

इस फैसले से सीमा पार होने वाली डील्स में जोखिम बढ़ने की संभावना है। खासकर जब खरीदार अमेरिकी हो। इससे निवेशक आगे चलकर ऑपरेशन, टेक्नोलॉजी और रिसर्च को अलग-अलग रखने पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं, ताकि ऐसी दिक्कतों से बचा जा सके।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी


Related Articles

Latest News