तेहरान, 6 जून (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन के मोल-भाव बयान पर तंज कसा है। उन्होंने सोशल पोस्ट के जरिए उन्हें नसीहत दी कि असल दुश्मन को पहचाननें की कोशिश करें।
अराघची ने औन के साक्षात्कार का एक क्लिप साझा किया। इसमें उन्होंने ईरान पर मोलभाव का आरोप लगाया था। कहा था कि ईरान लेबनान को मोल-भाव के लिए इस्तेमाल कर रहा है और उसे ऐसा करना बंद करके बातचीत करनी चाहिए।
अराघची ने इसी पर प्रतिक्रिया दी। तंज कसते हुए लिखा, “राष्ट्रपति औन की बातों से ऐसा लगता है जैसे लेबनान के 1/5 हिस्से पर ईरान ने कब्जा किया हो, एक-चौथाई आबादी को विस्थापित किया हो और हर दिन बमबारी कर रहा हो।”
उन्होंने आगे लिखा “मिस्टर प्रेसिडेंट, लेबनान को अपने असली दुश्मन से बचाएं।”
सीएनएन को दिए साक्षात्कार में औन ने कहा कि लेबनान के आंतरिक मामलों में ईरान दखल न दे और आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ अपनी बातचीत में वो लेबनान को एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने ईरान को कहा, “यह आपका देश नहीं है, यह हमारा देश है। हमें आप सौदेबाजी के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जो अस्वीकार्य है।” साथ ही उन्होंने हिज्बुल्लाह से भी अपील की। उन्होंने कहा,” इस संघर्ष का अंत हिंसा या युद्ध नहीं है बल्कि केवल और केवल संवाद और कूटनीति है। उन्हें इसी रास्ते पर चलना होगा।”
इस बीच अब लेबनानी सेना भी हमलों का शिकार बन रही है। रॉयटर्स के मुताबिक, लेबनानी सेना ने बताया कि शुक्रवार को दक्षिण लेबनान में खारदाली-नबातीह रोड पर इजरायली सेना की मिलिट्री गाड़ी को निशाना बनाकर किए गए हमले में एक ऑफिसर समेत कई लेबनानी सैनिक मारे गए।
लेबनानी सेना हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच टकराव में शामिल होने से बचती रही है और लगातार खुद को इससे अलग करने की कोशिश करती दिखा है।
दरअसल, ईरान पर अमेरिका-इजरायल की ओर से 28 फरवरी को संयुक्त हवाई हमले के बाद हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर मिसाइल दागनी शुरू कर दी थी। इसके बाद 2 मार्च से इजरायल का जवाबी हमला शुरू हुआ। इस दौरान दक्षिणी लेबनान को निशाना बनाया जाता रहा जिसमें 3500 से ज्यादा लोगों के मारने की पुष्टि लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने की है। हाल ही में अमेरिका की मध्यस्थता में सीजफायर पर बात भी बनी लेकिन इसके बावजूद जमीनी और हवाई हमले जारी हैं।
लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी एनएनए ने बताया कि शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में करीब 21 लोगों की मौत हो गई। मारे गए लोगों में एक नगर परिषद सदस्य, दो सीरियाई बच्चे और राहत पहुंचाने गए एक पैरामेडिक भी शामिल हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बचावकर्मियों को निशाना बनाए जाने को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया।
–आईएएनएस
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