'शी चिनफिंग के नए युग में चीनी विशेषता वाले समाजवाद पर विचार और दुनिया' विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित


बीजिंग, 10 जुलाई (आईएएनएस)। ‘शी चिनफिंग के नए युग में चीनी विशेषता वाले समाजवाद पर विचार और दुनिया’ विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी चीन के निंगश्या हुई जाति स्वायत्त प्रदेश के यिनछुआन में आयोजन हुई। संगोष्ठी का विषय है ‘आधुनिकीकरण की राह पर: चीन के गरीबी उन्मूलन सिद्धांत और अभ्यास से सीख।’

जिम्बाब्वे अफ्रीकी राष्ट्रीय संघ – देशभक्ति मोर्चा के केंद्रीय राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य एवं महिला संघ की सचिव एवं सीनेट अध्यक्ष चिनोमोना, मोरक्को की जनता आंदोलन पार्टी के महासचिव एवं प्रतिनिधि सभा के उपाध्यक्ष उजनी, और एंडियन संसद की उपाध्यक्ष बूल्क्स समेत 50 से अधिक देशों की 120 से अधिक विदेशी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, राजदूतों, विद्वानों और मीडिया प्रतिनिधियों ने संगोष्ठी में भाग लिया।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के निदेशक ल्यू हाइशिंग ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि 18वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस(2012) के बाद से, शी चिनफिंग पर केंद्रित सीपीसी केंद्रीय समिति ने गरीबी उन्मूलन को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, चीनी जनता का नेतृत्व करते हुए ऐतिहासिक रूप से पूर्ण गरीबी की समस्या का समाधान किया है, चीनी विशेषता वाले गरीबी उन्मूलन का मार्ग प्रशस्त किया है, और चीनी विशेषता वाले गरीबी-विरोधी सिद्धांत का निर्माण किया है, जो नए युग के लिए चीनी विशेषता वाले समाजवाद पर शी चिनफिंग के विचारों का एक महत्वपूर्ण घटक बन गया है। गरीबी उन्मूलन में चीन की सफलता ने विकासशील देशों को गरीबी से बाहर निकलने का साहस और आत्मविश्वास बढ़ाया है और मानवता के लिए गरीबी उन्मूलन के नए मार्ग की खोज भी की है।

संगोष्ठी में उपस्थित विदेशी अतिथियों ने सीपीसी की 105वीं वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि 18वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से, शी चिनफिंग के नेतृत्व में और नए युग के लिए चीनी विशेषता वाले समाजवाद पर शी चिनफिंग के विचारों के मार्गदर्शन में, चीन ने पूर्ण गरीबी को पूरी तरह से समाप्त करने में ऐतिहासिक विजय प्राप्त की है, जो मानव सभ्यता की प्रगति में एक मील का पत्थर है।

उन्होंने कहा कि चीन का अभ्यास सिद्ध करता है कि गरीबी एक अपरिवर्तनीय नियति नहीं है, और चीन विकासशील देशों को सीखने और संदर्भ के योग्य समृद्ध अनुभव प्रदान करता है। इससे हमें यह विश्वास भी मिलता है कि यदि चीन सफल हो सकता है, तो अन्य विकासशील देश भी सफल हो सकते हैं। उन्होंने सीपीसी के साथ आदान-प्रदान को मजबूत करने की आशा व्यक्त की, विशेष रूप से नए युग के लिए चीनी विशेषता वाले समाजवाद पर शी चिनफिंग के विचारों के अध्ययन में और अपने-अपने देशों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की आशा व्यक्त की।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

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