मुंबई, 8 मई (केसरिया न्यूज़)। हुंडई मोटर इंडिया ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी के समेकित शुद्ध मुनाफे में 22.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, और उसका मुनाफा घटकर 1,255.6 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 1,614.3 करोड़ रुपए था।
हालांकि, स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी ने बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान उसकी परिचालन आय (रेवेन्यू) 5.4 प्रतिशत बढ़कर 18,916.15 करोड़ रुपए पहुंच गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 17,940.28 करोड़ रुपए थी।
कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान उसके खर्च आय की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़े। कुल खर्च सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 17,571.7 करोड़ रुपए हो गया, जिसका मुख्य कारण तैयार माल, प्रगति पर कार्य और स्टॉक-इन-ट्रेड की इन्वेंट्री में बदलाव रहा।
कंपनी के परिचालन प्रदर्शन पर भी दबाव देखने को मिला। ईबीआईटीडीए 22.4 प्रतिशत घटकर 1,966 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 2,532.7 करोड़ रुपए था।
वहीं, ईबीआईटीडीए मार्जिन भी घटकर 10.4 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 14.1 प्रतिशत था।
मार्जिन पर दबाव के बावजूद हुंडई मोटर इंडिया ने तिमाही के दौरान मजबूत बिक्री प्रदर्शन का दावा किया। कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उसने घरेलू बाजार में अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही बिक्री दर्ज की।
कंपनी के थोक बिक्री वॉल्यूम में सालाना आधार पर 8.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसमें जीएसटी 2.0 सुधारों और विभिन्न उत्पाद रणनीतियों का बड़ा योगदान रहा। ऑटो कंपनी ने बताया कि ग्रामीण बाजार में उसकी हिस्सेदारी तिमाही के दौरान रिकॉर्ड 25 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो ग्रामीण भारत में कंपनी की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।
कंपनी के सीएनजी पोर्टफोलियो का योगदान भी रिकॉर्ड 18 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसका कारण उपभोक्ताओं के बीच सीएनजी वाहनों की बढ़ती मांग और कमर्शियल मोबिलिटी सेगमेंट में कंपनी का विस्तार बताया गया।
भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद कंपनी का निर्यात प्रदर्शन मजबूत रहा। हुंडई मोटर इंडिया ने बताया कि चौथी तिमाही में निर्यात में सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात 16.4 प्रतिशत बढ़ा।
कंपनी ने कहा कि उसे वित्त वर्ष 2026-27 में घरेलू और निर्यात, दोनों बाजारों में 8-10 प्रतिशत तक वॉल्यूम वृद्धि की उम्मीद है, जिसमें नए उत्पाद, नेटवर्क विस्तार और बाजार विविधीकरण योजनाएं मददगार होंगी।
कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा, “भारत में संचालन के 30 साल पूरे होने पर हमें ग्राहक भरोसे, नवाचार और लगातार बेहतर प्रदर्शन पर आधारित मजबूत नींव पर गर्व है।”
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद अवसरों का लाभ उठाने वाला साल रहा। जीएसटी 2.0 सुधार, रणनीतिक उत्पाद हस्तक्षेप, मजबूत निर्यात और ‘क्वालिटी ऑफ ग्रोथ’ पर फोकस ने कंपनी को आगे बढ़ने में मदद की।
–केसरिया न्यूज़
