आतंकवाद पर भारत और सिंगापुर का ‘जीरो टॉलरेंस’ रुख, बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति

[ad_1]

8f54aa3a7ec70f4830bd85b81b2bf479

नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए लगातार, मिलकर और हर स्तर पर काम करने की जरूरत पर जोर देते हुए भारत और सिंगापुर ने आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन), आसियान, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) और दूसरे बहुपक्षीय मंचों पर साथ मिलकर काम बढ़ाने पर सहमति जताई।

विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से शुक्रवार को जारी संयुक्त प्रेस बयान के मुताबिक, भारत और सिंगापुर के बीच आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने पर संयुक्त कार्य समूह (जेडब्‍ल्‍यूजी) की पांचवीं बैठक गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित हुई। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदार होने के नाते आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय सहयोग की अहमियत पर जोर दिया।

बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय में काउंटर टेररिज्म के संयुक्त सचिव विनोद बहाडे और सिंगापुर के गृह मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी (पॉलिसी) नगियाम शिह चुन ने की।

संयुक्त बयान में कहा गया कि जेडब्‍ल्‍यूजी ने हर तरह के आतंकवाद, खासकर सीमा पार आतंकवाद की कड़ी और स्पष्ट शब्दों में निंदा की। साथ ही आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी बिल्कुल भी बर्दाश्त न करने की नीति को दोहराया गया।

बैठक में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किले के पास हुई आतंकी घटना की भी कड़ी निंदा की गई। दोनों देशों ने कहा कि इन हमलों के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1,267 सैंक्शन कमेटी की सूची में शामिल आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ सहयोग पर भी चर्चा की। इसके अलावा सीमा पार खतरों से जल्दी और प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सूचना साझा करने की व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

एमईए के मुताबिक, बैठक में पारंपरिक और नए तरह के खतरों पर भी चर्चा हुई। इनमें आतंकियों की भर्ती, सीमा पार आवाजाही, कट्टरपंथ, तकनीक का गलत इस्तेमाल, आतंकवाद के लिए फंडिंग, साइबर अपराध, ड्रग तस्करी और संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध व आतंकवाद के बीच संबंध जैसे मुद्दे शामिल थे।

दोनों देशों ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। खास तौर पर सूचना साझा करने, कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सहयोग, क्षमता निर्माण और अच्छे अनुभव साझा करने पर जोर दिया गया।

नई दिल्ली दौरे के दौरान सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल ने भारत के एंटी-स्कैम सेंटर का भी दौरा किया।

संयुक्त बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी और स्कैम से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है। दोनों पक्षों ने सूचना साझा करने, ट्रेनिंग और बेहतर तरीकों को अपनाने के जरिए सहयोग मजबूत करने की उम्मीद जताई।

साथ ही तय किया गया कि आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराध से जुड़े इस संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक आपसी सहमति से सिंगापुर में आयोजित की जाएगी।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम

[ad_2]

Related Articles

Latest News