नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 208 पहुंचने के बाद पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के पहले चरण की सभी पाबंदियां लागू कर दी हैं।
सब-कमेटी ने खराब श्रेणी के तहत ग्रैप-1 के सभी उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। इनमें पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) नियमों का सख्ती से पालन, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और सड़कों की मशीनों से सफाई जैसे कदम शामिल हैं।
एक बयान के अनुसार, सब-कमेटी ने क्षेत्र की वायु गुणवत्ता और भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमान की समीक्षा के बाद ग्रैप-1 लागू करने का फैसला लिया।
इस बीच, सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने 29 अप्रैल से 19 मई के बीच 125 निरीक्षण किए, जिनमें निर्माण एवं ध्वस्तीकरण साइटों, औद्योगिक इकाइयों और डीजल जनरेटर सेट से जुड़े 39 उल्लंघन पाए गए।
इन निरीक्षणों में 20 जांच निर्माण एवं ध्वस्तीकरण साइटों पर, 51 औद्योगिक क्षेत्रों में और 54 जांच डीजल जनरेटर सेट से संबंधित थीं।
131वीं प्रवर्तन कार्यबल बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि कुल 39 उल्लंघनों में से 10 निर्माण एवं ध्वस्तीकरण साइटों, 10 औद्योगिक इकाइयों, और 19 डीजल जनरेटर सेट से जुड़े थे।
जांच रिपोर्ट के आधार पर सात इकाइयों/परियोजनाओं को बंद करने, 13 डीजल जनरेटर सेट सील करने, 12 कारण बताओ नोटिस जारी करने, चार मामलों में पर्यावरण मुआवजा लगाने और तीन मामलों में सलाह जारी करने का प्रस्ताव दिया गया है।
इसमें से छह कार्रवाई पहले ही पूरी की जा चुकी हैं, जबकि बाकी कार्रवाई प्रक्रिया में हैं।
कार्यबल ने 130वीं ईटीएफ बैठक के बाद की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की और पाया कि औद्योगिक क्षेत्र, जांच निर्माण एवं ध्वस्तीकरण सेक्टर और डीजल जनरेटर सेट से जुड़े सभी मामलों में संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई कर दी है।
बयान में कहा गया कि नियमों का पालन सुनिश्चित होने के बाद अब तक 17 इकाइयों को दोबारा संचालन की अनुमति दी गई है। इनमें 13 औद्योगिक इकाइयां और चार निर्माण एवं ध्वस्तीकरण साइट शामिल हैं।
–आईएएनएस
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