पूर्व विंबलडन चैंपियन वोंद्रोसोवा पर 4 साल का बैन, एंटी-डोपिंग टेस्ट से किया था इनकार


मियामी (यूएसए), 22 जून (आईएएनएस)। पूर्व विंबलडन चैंपियन मार्केटा वोंद्रोसोवा को प्रतियोगिता के बाहर एंटी-डोपिंग टेस्ट के दौरान सैंपल देने से इनकार करने के बाद चार साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी (आईटीआईए) ने सोमवार को यह घोषणा की है।

26 वर्षीय चेक स्टार ने साल 2023 में विंबलडन विमेंस सिंगल्स का खिताब अपने नाम किया था। वह दिसंबर 2025 में अपने घर पर डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर के सामने सैंपल देने में नाकाम रहीं। वोंद्रोसोवा ने टेस्ट से इनकार करने के पीछे तर्क दिया कि वह काफी तनाव में थीं, उन्हें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं थीं, और उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का भी डर था, लेकिन एक स्वतंत्र ट्रिब्यूनल ने उनके सभी दावों पर विचार किया और डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर की बात भी सुनी।

आईटीआईए ने फैसला सुनाया कि वोंद्रोसोवा के कार्यों के लिए कोई ठोस वजह नहीं थी, और इसलिए उनके अस्थायी बैन को 21 जून 2030 तक बढ़ा दिया। चेक खिलाड़ी वर्तमान में वर्ल्ड नंबर 122 हैं। इस बैन के कारण वह अपने करियर का एक बड़ा हिस्सा नहीं खेल पाएंगी।

आईटीआईए की मुख्य कार्यकारी कैरेन मूरहाउस ने कहा, “हम समझते हैं कि टेस्टिंग की प्रक्रिया असहज हो सकती है और खिलाड़ियों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है, जो पहले से ही दबाव और जांच का सामना कर रहे हैं, लेकिन हमारे खेल को धोखाधड़ी के खतरे से बचाने के लिए यह जरूरी है। हम खिलाड़ियों और टेस्टिंग स्टाफ दोनों की सुरक्षा और भलाई को गंभीरता से लेते हैं। टेस्टर बहुत पेशेवर होते हैं और उनके पास हर समय एक आईडी होती है।

सभी मामलों में जहां टेस्टर रिपोर्ट करते हैं कि वे खिलाड़ी को नहीं जानते थे, वे यह जांचते हैं कि उनके गवाहों का जेंडर खिलाड़ी के जेंडर से मेल खाता है या नहीं। खिलाड़ियों को टेस्टर के परिचय-पत्र की जांच करने, पहचान सत्यापित करने और आईडी के अतिरिक्त प्रमाण मांगने का भी अधिकार है।

उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों के घरों पर टेस्टिंग प्रक्रियाओं में हमेशा एथलीट्स की निजी जिंदगी और संपत्ति का सम्मान किया जाता है, जैसा कि उस अधिकार क्षेत्र के प्रभावी राष्ट्रीय कानूनों के तहत जरूरी है जहां टेस्टिंग हो रही है। हम जानते हैं कि ऐसी प्रक्रियाएं खिलाड़ियों के लिए चुनौतियां पेश कर सकती हैं और हम समर्थन देना जारी रखेंगे और खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि जब भी संभव हो, टेस्टिंग का सबसे अच्छा अनुभव सुनिश्चित किया जा सके।”

साल 2023 में वोनड्रोसोवा विंबलडन में विमेंस सिंगल्स खिताब जीतने वाली इतिहास की पहली अनसीडेड खिलाड़ी बनी थीं, उन पर प्रतिबंध के दौरान आईटीएफ, डब्ल्यूटीए, एटीपी, ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट या राष्ट्रीय टेनिस संघ की तरफ से आयोजित या स्वीकृत किसी भी इवेंट में खेलने, कोचिंग करने या शामिल होने पर रोक है।

वोनड्रोसोवा साल 2019 में फ्रेंच ओपन के फाइनल में भी पहुंचीं, जहां वह ऑस्ट्रेलिया की एशले बार्टी से हार का सामना करना पड़ा, उन्होंने 2020 टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता। वोन्ड्रोसोवा 2023 में वर्ल्ड नंबर 6 रैंकिंग तक पहुंचीं, उन्होंने 3 डब्ल्यूटीए टूर सिंगल्स खिताब जीते हैं।

–आईएएनएस

आरएसजी


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