शिमला, 28 मई (आईएएनएस)। शिमला के बालूगंज (बॉयलोगंज) इलाके में गुरुवार को जंगल की भीषण आग ने मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास केंद्र (मेंटल हॉस्पिटल) को अपने घेरे में ले लिया। आग ब्रिटिश काल के कब्रिस्तान तक भी पहुंच गई, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। दमकल विभाग की टीमों और अस्पताल के स्टाफ ने मिलकर कई घंटों तक आग पर काबू पाने की कोशिश की।
बालूगंज फायर स्टेशन के लीडिंग फायरमैन रमेश शर्मा ने बताया, “हमें सुबह 10:43 बजे आग की सूचना मिली। आग मानसिक अस्पताल से लगभग आधा किलोमीटर दूर शुरू हुई थी, जो बाद में आईएसबीटी की ओर फैलने लगी। हम सुबह से लगातार आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।”
मेंटल हेल्थ एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के कर्मचारी लाटू राणा ने कहा, “पिछले 4-5 घंटों से आग बहुत तेजी से फैल रही थी। दमकल कर्मी और हम सब मिलकर इसे बुझाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।”
वन विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं। आग का क्षेत्रफल काफी बड़ा बताया जा रहा है।
स्थानीय निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया, “मानसिक अस्पताल के पास और उसके निकट बने डॉग हाउस में भी आग फैल गई थी। पेड़ों में आग लगी हुई थी। गांव के कुछ घरों के पास तक आग पहुंच गई थी। फायर डिपार्टमेंट, वन विभाग और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।”
अस्पताल क्षेत्र और ब्रिटिश-युग के कब्रिस्तान को काफी नुकसान पहुंचा है। आग की लपटें देखकर आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
दमकल अधिकारियों ने बताया कि मौके पर कई टीमें तैनात हैं और आग को पूरी तरह नियंत्रित करने में समय लग सकता है। वर्तमान में आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।
शिमला में गर्मी और सूखे के मौसम में जंगल की आग की घटनाएं आम हो गई हैं। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जंगल में आग लगाने या लापरवाही बरतने से बचें। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी हुई है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दमकल टीमें बुलाई जा सकती हैं।
–आईएएनएस
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