स्यूटा संकट पर मंगलवार को बुलाई गई ईयू के गृह मंत्रियों की आपात बैठक


मैड्रिड, 2 अगस्त (आईएएनएस)। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज की अपील पर स्यूटा प्रवासी संकट को लेकर यूरोपीय संघ (ईयू) के गृह मंत्रियों की आपात बैठक मंगलवार को बुलाई गई है। स्पेन के पीएम ने शनिवार को एक खत लिख इसकी मांग की थी। ईयू और अन्य यूरोपीय संस्थाओं से उन्होंने कहा था कि यह केवल स्पेन का नहीं, बल्कि पूरे यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा और साझा सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

बैठक बुलाने का फैसला ईयू सदस्यों और फ्रॉन्टेक्स बॉर्डर एजेंसी विशेषज्ञों की टीम ने संयुक्त रूप से लिया। गुरुवार से शुक्रवार के बीच (महज 24 घंटों में) उत्तर मोरक्को से स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र स्यूटा में 50 हजार से ज्यादा प्रवासी अचानक प्रवेश कर गए थे। स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुसार इस दौरान 67 लोगों की मौत हो गई। कुछ समुद्र में डूब गए तो कुछ अफरा-तफरी में मारे गए।

मंत्रियों की मीटिंग बुलाने का निर्णय सबकी सहमति से लिया गया, क्योंकि ईयू सदस्य ग्रुप में इस मुद्दे को लेकर व्याप्त मतभेद को दूर करने और माइग्रेशन के लिए एक जैसा तरीका अपनाने की कोशिश को लेकर गंभीर हैं।

वहीं, स्पेन ने कहा कि स्यूटा में प्रवासियों का प्रवेश रात को बंद हो गया, क्योंकि पुलिस ने मोरक्को के साथ अपने बॉर्डर पर 500 मीटर (1,640 फीट) का एक फ्लोटिंग बैरियर लगाना शुरू कर दिया है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने शनिवार को कहा, “मैं स्पेनिश पीएम के संपर्क में हूं और हम जो मदद कर सकते हैं, वह कर रहे हैं।” वहीं, इटली, डेनमार्क, पोलैंड और स्वीडन ने शनिवार को एक बैठक कर स्पेन के रवैए की आलोचना की।

सांचेज ने कुछ यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में एकजुटता दिखाने के बजाय कुछ देशों ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तरजीह दी, जिससे यूरोपीय एकता कमजोर हुई। उनके अनुसार, स्यूटा में पहुंचे लगभग सभी प्रवासियों को 48 घंटे के भीतर मोरक्को वापस भेज दिया गया और “कोई भी स्पेन के मुख्य भूभाग या यूरोप के अन्य हिस्सों तक नहीं पहुंच सका।”

स्यूटा में मोरक्को की ओर से 50,000 से अधिक लोगों ने प्रवेश करने की कोशिश की थी। इस दौरान भगदड़ और अफरा-तफरी में 67 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद स्पेन ने सीमा सुरक्षा कड़ी करते हुए समुद्री क्षेत्र में 500 मीटर लंबे फ्लोटिंग बैरियर लगाए, ताकि आगे इस तरह की घुसपैठ रोकी जा सके।

–आईएएनएस

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