लखनऊ, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मृदा स्वास्थ्य सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। खरीफ-2026 सीजन में राज्यभर के किसानों को हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर मुफ्त बीज वितरण की योजना लागू की जाएगी।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को विधान भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में खरीफ-2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हरी खाद के प्रयोग को बढ़ावा देकर खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाना है। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में 45 हजार क्विंटल ढैंचा बीज का वितरण कराया जाएगा।
इसके साथ ही किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 20 हजार क्विंटल बीज के कुल 4 लाख निःशुल्क मिनीकिट वितरित किए जाएंगे। प्रत्येक मिनीकिट में ढैंचा, मक्का, उर्द के साथ ग्वार, भिंडी, लोबिया और ज्वार के बीज शामिल होंगे।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीज वितरण के लिए पोर्टल को समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाए, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सके। समीक्षा के दौरान खरीफ-2026 के लिए फसलों के वितरण लक्ष्य में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
इस वर्ष कुल 2,33,177 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष 1,35,951 से काफी अधिक है। इसमें धान के लिए 82,022, दलहन के लिए 48,249, तिलहन के लिए 43,622 और बाजरा के लिए 25,555 का लक्ष्य रखा गया है। वहीं ‘श्री अन्न’ के तहत रागी, कोदो और सावा जैसी फसलों को भी प्राथमिकता दी गई है।
शाही ने उर्वरक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद की उपलब्धता और बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष रणनीति लागू करने पर भी जोर दिया।
–आईएएनएस
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