नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मीडिया प्रमुख और प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने रविवार को कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना पर दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक सौरभ भारद्वाज के बयान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे एक हताश, पराजित नेता हैं जो झूठ और गलत सूचना फैलाकर ही फलते-फूलते हैं।
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा लगता है कि भारद्वाज को सार्वजनिक अपमान की आदत हो गई है। कपूर ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी के नेता ने दिल्ली लक्ष्मी योजना पर टिप्पणी करने से पहले पंजाब सरकार की बहन बेटी योजना के पात्रता मानदंडों की जांच की होती, तो उन्हें पता चलता कि पंजाब सरकार ने भी इस योजना का लाभ केवल उस राज्य की स्थायी महिला निवासियों तक ही सीमित रखा है।
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता ने भारद्वाज से पूछा कि क्या 11 साल तक मंत्री और विधायक रहने के बावजूद उन्हें यह जानकारी नहीं है कि दिल्ली में सभी सामाजिक पेंशन योजनाओं – जैसे वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन – में भी पात्रता शर्त के रूप में दिल्ली में निवास की न्यूनतम अवधि निर्धारित है।
लाभार्थी के लिए विधायक की सिफारिश के मुद्दे पर कपूर ने सवाल उठाया कि भारद्वाज यह कैसे भूल सकते हैं कि 2018 में अरविंद केजरीवाल सरकार ने ही दिल्ली सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए विधायक की सिफारिश को अनिवार्य बनाया था।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना हाल ही में शुरू हुई है और भारद्वाज को आश्वस्त रहना चाहिए कि अगले तीन वर्षों के भीतर भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली की प्रत्येक पात्र महिला निवासी को इस योजना का लाभ मिले।
इससे पहले, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और महासचिव योगिता सिंह ने रविवार को दिल्ली में भाजपा सरकार द्वारा 1 अगस्त से ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के लिए आवेदन पोर्टल खोलने के फैसले का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने मात्र 17 महीनों में भाजपा के 2025 के चुनाव घोषणापत्र में किए गए एक महत्वपूर्ण वादे को पूरा कर दिया है।
मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली और देश की जनता ने देखा है कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पूर्व आम आदमी सरकार ने दिल्ली की महिलाओं को 1,000 रुपए मासिक भत्ता देने का वादा तो किया, लेकिन उन्हें एक रुपया भी नहीं दिया।
इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने न केवल मात्र 17 महीनों में अपना वादा पूरा किया है, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं की आकांक्षाओं को भी पूरा करते हुए उन्हें 2,500 रुपए का भत्ता प्रदान किया है।
–आईएएनएस
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