टोक्यो ट्रायल की 80वीं वर्षगांठ पर चीनी विदेश मंत्रालय की टिप्पणी


बीजिंग, 3 मई (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रविवार को टोक्यो ट्रायल की 80वीं वर्षगांठ पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक ट्रायल ने 11 देशों की न्यायिक शक्ति एकत्र कर बड़ी संख्या वाले अकाट्य प्रमाणों और कड़े कानूनी सिद्धांतों के मुताबिक फैसला सुनाया कि जापानी सैन्यवाद ने आक्रमण युद्ध छेड़ा और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन किया।

अदालत ने जापानी आक्रमणकारियों द्वारा अनेक एशियाई देशों में किए गए अनगिनत अपराधों का पर्दाफाश किया और तौजौ हिदेकी समेत 25 ए क्लास के युद्ध अपराधियों को फांसी या कारावास की सजा दी।

प्रवक्ता ने कहा कि टोक्यो ट्रायल कोहिरा घोषणा और पोजदम विज्ञप्ति का कार्यावयन है, जिसने विजयी देशों और शिकारों की सामूहिक इच्छा प्रतिबिंबित की, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को लागू किया और दूसरे विश्व युद्ध की विजय उपलब्धियों की रक्षा की।

प्रवक्ता ने कहा कि टोक्यो ट्रायल के फैसले को स्वीकार करना जापान की अंतरराष्ट्रीय समुदाय में वापसी का सिद्धांत है। अफसोसजनक बात है कि 80 वर्षों के बाद जापानी सैन्यवाद की दुष्ट परंपरा मिटाई नहीं गई और छिपे रूप से पनप रही है। जापानी दक्षिण पंथी शक्ति जापानी समुदाय में गलत ऐतिहासिक अवधारणा भर रही है और फिर सैन्यीकरण बढ़ाने की कुचेष्टा कर रही है। जापान के नई किस्म वाले सैन्यवाद के सामने टोक्यो ट्रायल के सिंहावलोकन का व्यावहारिक महत्व है।

प्रवक्ता ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति और कोई भी शक्ति आक्रमण मामले को पलटने की कोशिश करती है, तो उसे निश्चय ही पूरे विश्व के शांति प्रेमियों का डटकर विरोध मिलेगा और फिर एक बार इतिहास के ट्रायल के मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

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