मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उड्डयन मंत्री से की मुलाकात, श्रीनगर एयरपोर्ट बंदी पर पुनर्विचार की मांग की


नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात की और रखरखाव के काम के लिए 1 से 16 अक्टूबर तक श्रीनगर हवाई अड्डे को बंद करने के प्रस्ताव पर चिंता जताई।

पर्यटन के मुख्य मौसम में घाटी के लिए बिना रुकावट हवाई संपर्क की अहमियत पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नागरिक उड्डयन मंत्री से आग्रह किया कि रखरखाव के शेड्यूल की समीक्षा की जाए और अगर मुमकिन हो, तो इसे छोटा किया जाए, चरणों में किया जाए या यात्रा के कम व्यस्त समय में किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि हवाई अड्डा बंद रहने के दौरान निवासियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए संपर्क बनाए रखने के लिए अवंतीपोरा एयर बेस से सीमित संख्या में नागरिक उड़ानें संचालित की जाएं।

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा,” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई बैठक के बाद, मैंने अक्टूबर में श्रीनगर एयरपोर्ट को बंद करने के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात की। हम परेशानी को कम करने और बेसिक फ्लाइट शेड्यूल बनाए रखने के लिए संभावित विकल्पों पर काम कर रहे हैं, जैसा कि 1998 और 2010 में इसी तरह के कारणों से एयरपोर्ट बंद होने पर किया गया था।”

गौरतलब है कि रनवे के जरूरी रखरखाव और मरम्मत के चलते जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट 1 अक्टूबर से 15 दिनों तक उड़ानों के लिए बंद रहेगा। 1 अक्टूबर से उड़ानों का निलंबन दुर्गा पूजा की छुट्टियों के साथ ही होगा। इस कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बंद होने से स्थानीय पर्यटन को भारी नुकसान हो सकता है।

इस दौरान घाटी में पारंपरिक रूप से पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और ट्रैवल ऑपरेटरों को डर है कि इस बंदी के कारण बड़े पैमाने पर बुकिंग रद्द होंगी और भारी आर्थिक नुकसान होगा।

हवाई अड्डा अधिकारियों के अनुसार, पूरी तरह से बंदी से पहले चरणबद्ध तरीके से रखरखाव का काम शुरू किया जाएगा। जुलाई से शुरू होकर हवाई अड्डे का संचालन हर हफ्ते दो दिनों (सोमवार और मंगलवार) के लिए बंद रहेगा। इसका समापन 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक पूरी 15-दिवसीय बंद के रूप में होगा।

अधिकारियों ने कहा कि रनवे की मरम्मत परिचालन सुरक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना द्वारा जारी ‘नोटिस टू एयरमेन’ के बाद 6 अप्रैल से ही उड़ानों पर प्रतिबंध लागू है।

अक्टूबर में होने वाली बंदी को देखते हुए होटल और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग समयसीमा पर पुनर्विचार करने का आग्रह कर रहे हैं। उनका कहना है कि साल के सबसे व्यस्त घरेलू पर्यटन सीजन में हवाई संपर्क काट देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो सकती है।

श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर औसतन प्रतिदिन लगभग 4,000 यात्रियों का आवागमन होता है। फिलहाल, अधिकांश पर्यटक उड़ानों और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते ही आते हैं। हालांकि देश के बाकी हिस्सों से जम्मू रेलवे स्टेशन तक और जम्मू रेलवे स्टेशन से घाटी तक रेल सेवाएं फिलहाल चालू हैं।

–आईएएनएस

ओपी/एएस


Related Articles

Latest News