नई दिल्ली, 31 जुलाई (केसरिया न्यूज़)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) द्वारा अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) योजना के तहत कंपनियों को धनराशि वितरित करने में कथित हितों के टकराव से जुड़े मीडिया में प्रकाशित समाचार भ्रामक, गलत और संदर्भहीन हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि टीडीबी में मजबूत मूल्यांकन तंत्र, हितों के टकराव से संबंधित कड़े दिशा-निर्देश और योग्यता-आधारित चयन प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
मंत्रालय के अनुसार, टीडीबी में हितों के टकराव को लेकर एक व्यापक और मजबूत नीति लागू है।
मंत्रालय ने कहा, “इस नीति का लंबे समय से व्यवस्थित रूप से पालन किया जा रहा है और अब तक किसी भी पक्ष से इसकी कोई शिकायत, आपत्ति या अनियमितता सामने नहीं आई है।”
मंत्रालय ने बताया कि टीडीबी की कठोर और योग्यता-आधारित चयन प्रक्रिया की पुष्टि स्वतंत्र बाहरी आकलनों से भी होती है।
टीडीबी द्वारा पहले चरण में स्वीकृत 22 परियोजनाओं में से 15 परियोजनाओं का चयन शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित अलग-अलग विशेषज्ञ समितियों ने स्वतंत्र रूप से किया था। इसके बाद इन परियोजनाओं ने फ्रांस के नीस शहर में आयोजित प्रतिष्ठित भारत इनोवेट इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
बयान में कहा गया, “यह स्वतंत्र सत्यापन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि चयनित कंपनियां अत्याधुनिक डीप-टेक इनोवेटर्स हैं, जिनका चयन पूरी तरह तकनीकी क्षमता, नवाचार की संभावनाओं और राष्ट्रीय महत्व के आधार पर किया गया है।” मंत्रालय ने बताया कि पहली निवेश समिति (आईसी) की बैठक शुरू होने से पहले ही टीडीबी ने विस्तृत प्री-इन्वेस्टमेंट गाइडलाइंस और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किए थे।
इन दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि किन परिस्थितियों में हितों के टकराव की स्थिति उत्पन्न मानी जाएगी। यदि किसी सदस्य का किसी प्रस्ताव से संभावित हितों का टकराव होता है, तो उसे इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होती है और संबंधित प्रस्ताव पर होने वाली सभी चर्चाओं तथा निर्णय प्रक्रिया से स्वयं को पूरी तरह अलग करना अनिवार्य होता है।
मंत्रालय ने कहा कि टीडीबी ने इन दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, आरडीआई फंड के कार्यान्वयन दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी वित्तपोषण संबंधी निर्णय पूरी तरह योग्यता के आधार पर लिए गए। संबंधित प्रस्तावों के मूल्यांकन या स्वीकृति प्रक्रिया में किसी भी हितों के टकराव वाले सदस्य की कोई भूमिका नहीं रही।
–केसरिया न्यूज़
