नई दिल्ली, (केसरिया न्यूज़)। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ताओं की मंजूरी के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ने और अनुचित व्यापारिक तरीके अपनाने के आरोप में देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर मिली शिकायतों के आधार पर की गई है। शिकायतों के साथ ऐसे बिल भी दिए गए थे, जिनमें उपभोक्ताओं की स्पष्ट सहमति के बिना सर्विस चार्ज अपने आप जोड़ दिया गया था।
सीसीपीए ने शिकायतों की जांच की और पाया कि बिना उपभोक्ता की मंजूरी के बिल में सर्विस चार्ज जोड़ना होटलों और रेस्तरां में सर्विस चार्ज वसूली से जुड़े अनुचित व्यापारिक तरीकों की रोकथाम और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
ऐसे ही एक मामले में सीसीपीए ने चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ अंतिम आदेश जारी करते हुए 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया। साथ ही कंपनी को उपभोक्ता से वसूला गया सर्विस चार्ज वापस करने का निर्देश दिया।
प्राधिकरण ने कंपनी को यह भी निर्देश दिया कि वह अपने सभी आउटलेट्स में इस्तेमाल होने वाली सॉफ्टवेयर आधारित बिलिंग प्रणाली में बदलाव करे, ताकि भविष्य में किसी भी उपभोक्ता के बिल में सर्विस चार्ज या ऐसा कोई अन्य शुल्क अपने आप न जोड़ा जाए। जिन अन्य रेस्तरां के खिलाफ शिकायतें मिली हैं और उनकी जांच की जा चुकी है, उनके मामलों में भी आगे की कार्रवाई जारी है।
4 जुलाई 2022 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोई भी होटल या रेस्तरां खाने के बिल में अपने आप या डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता। किसी भी उपभोक्ता को सर्विस चार्ज देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और ग्राहकों को साफ तौर पर बताया जाना चाहिए कि सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक और उनकी इच्छा पर निर्भर है।
दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सर्विस चार्ज नहीं देने पर किसी उपभोक्ता को रेस्तरां में प्रवेश या सेवा देने से मना नहीं किया जा सकता।
सीसीपीए ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि कोई रेस्तरां बिना अनुमति के बिल में सर्विस चार्ज जोड़ता है तो इसकी शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर टोल-फ्री नंबर 1915 या एनसीएच प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्ज कराएं।
–केसरिया न्यूज़
