एस. जयशंकर और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री की अहम बातचीत, व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर

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नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि उनकी उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव से अच्छी बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की।

विदेश मंत्री ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सोमवार को उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव से अच्छी बातचीत हुई। हमने व्यापार, निवेश और दूसरे कई क्षेत्रों में अपने आपसी सहयोग को और बढ़ाने पर बात की।”

उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री विदेश मंत्री ने भी बताया कि उनकी जयशंकर के साथ अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने नियमित रूप से बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई।

उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी पर आधारित रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश हर क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं।

सैदोव ने बताया कि दोनों पक्षों ने आने वाले समय में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों के कार्यक्रमों पर चर्चा की। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार किया।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालय आपस में भरोसे और नियमित संवाद को आगे भी जारी रखेंगे।

पिछले महीने भारत और उज्बेकिस्तान ने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, नॉन-टैरिफ बाधाओं को कम करने और अगले तीन वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य पर सहमति जताई थी। इसकी जानकारी कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय ने एक बयान में दी थी।

कॉमर्स डिपार्टमेंट के सचिव राजेश अग्रवाल और उज्बेकिस्तान के निवेश, उद्योग और व्यापार मंत्रालय के उप मंत्री शोखरुख गुलामोव ने भारत-उज्बेकिस्तान अंतर-सरकारी आयोग के 14वें सत्र की संयुक्त अध्यक्षता की। यह बैठक व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित थी।

यह बैठक ताशकंद में हुई, जिसमें भारतीय पक्ष के सह-अध्यक्ष ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हिस्सा लिया।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, बैठक में उन कई उत्पादों पर चर्चा हुई जिनका भारत से उज्बेकिस्तान को निर्यात बढ़ाया जा सकता है। इनमें दवाइयां, मेडिकल उपकरण, कृषि उत्पाद, प्रोसेस्ड फूड, कृषि मशीनें, इंजीनियरिंग सामान, बिजली से जुड़े उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स, ट्रैक्टर के पुर्जे, कपड़ा और कपड़ा बनाने की मशीनें, रसायन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा सेवाएं, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यावसायिक सेवाएं शामिल हैं।

–आईएएनएस

एवाई/वीसी

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