बलरामपुर, 31 जुलाई (आईएएनएस)। मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहल छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर परियोजना में दिख रही है। यहां सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य मां और शिशु के स्वास्थ्य में सुधार लाना तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है।
लाभान्वित महिलाओं ने बताया कि हमारे पास के आंगनबाड़ी की दीदी ने मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी। हमने इसका फॉर्म भरा और इस योजना का लाभ मिला। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का पैसा खाते में आया और इस पैसे से पौष्टिक आहार लिया। पौष्टिक आहार लेने से हम दोनों स्वस्थ हैं।
महिला अनिमा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान बताया कि हमें उस समय योजना का फायदा मिला जब पैसे की कमी थी। अभी तक 2 किस्त में पैसा आया है। पहली किस्त 3 हजार रुपए और दूसरी किस्त में बाकी के 2 हजार रुपए बैंक खाते में आए। हम प्रधानमंत्री मोदी को बहुत धन्यवाद देते हैं। यह योजना गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही अच्छी है।
हितग्राही गीता देवी ने आईएएनएस को बताया कि आंगनबाडी केंद्र की दीदी ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए फॉर्म भरा जाएगा। डिलीवरी में पांच हजार रुपए दिए जाएंगे। बैंक खाते में पहली किस्त तीन हजार रुपए की और उसके बाद दूसरी किस्त दो हजार रुपए की आएगी। यह योजना महिलाओं के लिए बहुत अच्छी है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार का बहुत धन्यवाद।
परियोजना अधिकारी शीला एक्का ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के पोषण देखभाल के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1 जनवरी 2017 से चालू है। गर्भवती व शिशुवती के समय देखभाल और आर्थिक नुकसान होता है। उसकी पूर्ति के लिए शासन द्वारा योजना संचालित की गई है।
उन्होंने बताया कि इस योजना में प्रथम गर्भवती महिला को 5 हजार रुपए दिए जाते हैं। हमारे परियोजना में लगभग 4,177 महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। उसमें प्रथम गर्भवती 3,428 व द्वितीय बालिका संतान वाली माताएं 749 के करीब लाभान्वित हुई हैं। अगर कुल चार साल का आंकड़ा माना जाए तो 4,177 महिलाएं लाभांवित हुई हैं।
सुपरवाइजर संजीता बखला ने आईएएनएस को बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है।
योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को पोषण सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही नियमित प्रसव पूर्व (एएनसी) जांच कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया जा सके। इसके अलावा नवजात शिशुओं के समय पर टीकाकरण को भी बढ़ावा दिया जाता है।
आर्थिक सहायता के रूप में पात्र लाभार्थियों को प्रथम संतान के जन्म पर 5,000 रुपए तथा द्वितीय संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक देखभाल के लिए प्रेरित करना और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।
सरकार ने पात्र गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे योजना का लाभ लेने के लिए समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं और स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करें।
–आईएएनएस
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