आयशा जुल्का: 'पहला नशा' से मिला स्टारडम फिर 'दलाल' विवाद ने बदल दी अभिनेत्री की राह


मुंबई, 27 जुलाई (आईएएनएस)। आमिर खान के साथ ‘जो जीता वही सिकंदर’ की अंजली हो या अक्षय कुमार के साथ ‘खिलाड़ी’ की नेहा, अभिनेत्री आयशा जुल्का ने अपने किरदारों से बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई। अपने करियर के पीक में वह ऐसे विवाद से भी गुजरीं, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों की सहमति और अधिकारों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। यह मामला उनकी फिल्म ‘दलाल’ से जुड़ा था, जिसमें आयशा ने एक फैसले पर आपत्ति जताई थी।

आयशा जुल्का का जन्म 28 जुलाई 1972 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हुआ था। उनके पिता विंग कमांडर इंदर कुमार जुल्का भारतीय वायुसेना में थे। बचपन से ही आयशा को फिल्मों में दिलचस्पी थी। जब वह करीब 11 साल की थीं, तब उनका परिवार मुंबई आ गया। यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई।

आयशा ने फिल्मों में कदम बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट रखा था। साल 1983 में आई फिल्म ‘कैसे कैसे लोग’ में उन्होंने बाल कलाकार के रूप में काम किया था। इसके बाद, साल 1990 में उन्होंने तेलुगू फिल्म ‘नेती सिद्धार्थ’ से फिल्मों में शुरुआत की। हिंदी सिनेमा में उन्हें पहला बड़ा मौका साल 1991 में सलमान खान के साथ फिल्म ‘कुर्बान’ में मिला।

इसके बाद साल 1992 में आई फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’ ने आयशा की किस्मत बदल दी। आमिर खान के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म का गाना ‘पहला नशा’ आज भी लोगों की जुबान पर है और आयशा को आज भी इसी गाने की वजह से पहचाना जाता है। इस फिल्म के बाद वह 90 के दशक की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।

इसके बाद आयशा ने एक के बाद एक कई सफल फिल्मों में काम किया। ‘खिलाड़ी’, ‘बलमा’, ‘वक्त हमारा है’, ‘रंग’, ‘संग्राम’, ‘दलाल’, ‘चाची 420’, ‘मसूम’ और ‘होते होते प्यार हो गया’ जैसी फिल्मों में उनके काम को पसंद किया गया। फिल्म ‘खिलाड़ी’ और ‘जो जीता वही सिकंदर’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड के लिए नामांकन भी मिला था।

साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म ‘दलाल’ उनके करियर की चर्चित फिल्मों में से एक रही। इस फिल्म में वह मिथुन चक्रवर्ती के साथ नजर आई थीं। हालांकि, फिल्म की रिलीज के बाद एक विवाद खड़ा हो गया। आयशा जुल्का ने आरोप लगाया था कि फिल्म में एक इंटीमेट सीन के लिए उन्हें बताए बिना बॉडी डबल का इस्तेमाल किया गया, जबकि उन्होंने पहले ही ऐसे सीन करने से मना किया था। इस मामले को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई और यह विवाद काफी चर्चा में रहा।

90 के दशक के आखिर तक आयशा ने फिल्मों में काम करना जारी रखा, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने फिल्मों की संख्या कम कर दी। उनका कहना था कि उन्हें बार-बार एक जैसे किरदार मिल रहे थे और वह ऐसे रोल करना चाहती थीं जिनमें उन्हें अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का मौका मिले। इसके अलावा वह अपने परिवार और निजी जिंदगी के लिए भी समय निकालना चाहती थीं।

साल 2003 में आयशा ने बिजनेसमैन समीर वाशी से शादी कर ली। शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाते हुए बिजनेस और सामाजिक कामों पर ध्यान देना शुरू किया। वह अपने पति के साथ बिजनेस से जुड़ीं और जानवरों के लिए काम करने की दिशा में भी आगे बढ़ीं। आयशा और समीर ने बच्चों के लिए भी काम किया और गुजरात के दो गांवों के करीब 160 बच्चों की पढ़ाई और खाने की जिम्मेदारी उठाई।

कई साल बाद आयशा ने अभिनय की दुनिया में वापसी की। साल 2022 में उन्होंने वेब सीरीज ‘हश हश’ से अपना ओटीटी डेब्यू किया। इसके बाद वह ‘हैप्पी फैमिली: कंडीशंस अप्लाई’ में भी नजर आईं।

–आईएएनएस

पीके/वीसी


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