तेहरान, 18 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने निशाना साधते हुए दावा किया कि अमेरिकी टैक्सपेयर के पैसे का इस्तेमाल इजरायल की आलोचना करने वालों को चुप कराने के लिए किया जा रहा है।
टाइम मैगजीन की एक रिपोर्ट साझा कर विदेश मंत्री अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अमेरिकी नागरिकों को विदेशी प्रभाव को लेकर चेतावनी दी जा रही है। लेकिन, उस व्यापक इजरायली अभियान का क्या, जिसके जरिए अमेरिकी सरकार को एक ऐसे युद्ध में धकेलने की कोशिश की जा रही है, जिसे जीता नहीं जा सकता और जिसे चुनना अमेरिका की अपनी प्राथमिकता भी नहीं थी?”
उन्होंने कहा, “इससे भी गंभीर बात यह है कि इजरायल पर अमेरिकी करदाताओं के पैसों का इस्तेमाल कर अमेरिका के भीतर अपने आलोचकों की आवाज दबाने का आरोप लगाया जा रहा है। यह सब जल्द ही सबके सामने उजागर हो जाएगा।”
बता दें, विदेश मंत्री अराघची ने टाइम मैगजीन के जिस लेख की तस्वीर साझा की, उसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ अभियान के समर्थकों को टारगेट करने वाले इजरायली प्रभाव वाले ऑपरेशन के बारे में बताया गया है।
मैगजीन में छपे लेख का शीर्षक था, ”ट्रंप के पूर्व-कैंपेन मैनेजर एमएजीए बेस को टारगेट करके एक इजरायली प्रभाव वाला ऑपरेशन चला रहे हैं।” लेख में ‘ब्रैड पारस्केल’ की तस्वीर भी लगी है, जिन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के 2020 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान को मैनेज किया था।
वहीं, दूसरी ओर अमेरिका का ईरान पर हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। ईरान के एक शीर्ष सैन्य सलाहकार ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ अगले दो से तीन दिनों तक युद्ध जारी रखता है, तो देश आक्रामक और विनाशकारी दौर में चला जाएगा।
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने सरकारी आईआरआईबी टीवी के साथ इंटरव्यू के दौरान ये चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि युद्ध और बातचीत दोनों की नीति खत्म हो गई है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर अमेरिका के हमले जारी रहे, तो ईरान की सेनाएं सिर्फ जवाबी हमले तक ही सीमित नहीं रहेंगी और अमेरिकी बेस और सेनाएं किसी भी राजनीतिक सीमा के अंदर सुरक्षित नहीं रहेंगी।
मोजतबा के सैन्य सलाहकार ने कहा कि ईरान ने अब तक युद्ध को बड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संकट में बदलने से रोकने के लिए संयम बरता है। उन्होंने अमेरिका पर युद्ध को क्षेत्रीय संकट में बदलने के लिए गलत अंदाजा लगाने का आरोप लगाया।
रेजाई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखता है, तो ईरान जमीनी स्तर पर सेना समेत और सैन्य क्षमताएं तैनात करेगा और युद्ध का दायरा बढ़ेगा।
–आईएएनएस
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