पश्चिम एशिया संकट के बीच गल्फ से हवाई उड़ानें जारी, भारतीय दूतावास कर रहे पूरी मदद: विदेश मंत्रालय

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नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संकट बरकरार है। ईरान-अमेरिका के बीच मतभेद जारी है। तेहरान की मांगों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नामंजूर कर दिया है। इस बीच भारत ने स्पष्ट किया है कि इन देशों में मौजूद भारतीय दूतावास अपने नागरिकों के संपर्क में लगातार बने हुए हैं।

दैनिक अंतर मंत्रालयी प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने भारत सरकार का पक्ष रखा।

उन्होंने कहा, “विदेश मंत्रालय गल्फ और पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति पर लगातार करीबी नजर बनाए हुए है। हमारा प्रयास इस क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं। जानकारी साझा करने और समन्वित प्रयासों के लिए हम राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार संपर्क में हैं।”

भारत सरकार ने खाड़ी देशों और मध्य पूर्व में रह रहे अपने नागरिकों की हर संभव मदद करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि मंत्रालय में स्थापित विशेष नियंत्रण कक्ष भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की पूछताछ का उत्तर देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। क्षेत्र में स्थित हमारे दूतावास और वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों को समय पर सहायता प्रदान करने के लिए 24/7 हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं। वे सक्रिय रूप से हमारे नागरिकों की सहायता कर रहे हैं और स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, कुछ देशों ने पूर्णकालिक तो कुछ देशों ने आंशिक हवाई सेवाएं शुरू कर दी हैं, अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित की जा रही हैं। यूएई एयरस्पेस पूरी तरह से खुला है। भारत के विभिन्न हवाईअड्डों तक फ्लाइट्स पहुंच रही हैं। सऊदी अरब और ओमान से भी नियमित तौर पर उड़ानें जारी हैं वहीं कतर में आंशिक हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और कतर एयरवेज ये सेवाएं दे रहे हैं।

वहीं कुवैत एयरस्पेस भी खुला है । बहरीन एयरस्पेस से इंडिगो और गल्फ एयरवेज की उड़ानें संचालित हो रही हैं। इराक में सीमित उड़ानें जारी हैं। वहीं ईरान का एयरस्पेस भी आंशिक रूप से खुला है। हमने यहां रह रहे भारतीयों से अपील की है कि वहां जाने से बचें और जो वहां हैं वो जितनी जल्दी हो सके दूतावास की मदद से वहां से निकलने की कोशिश करें।

–आईएएनएस

केआर/

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