नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। सरकार ने मंगलवार को अमृतसर से हब एंड स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान परिचालन की शुरुआत की। इसके साथ ही वाराणसी के बाद अमृतसर इस नए ‘हब एंड स्पोक’ फ्रेमवर्क से जुड़ने वाला देश का दूसरा हवाई अड्डा बन गया, जो अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।
अब तक अमृतसर से यात्रियों को केवल सात अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान सुविधा उपलब्ध थी।
हब एंड स्पोक मॉडल लागू होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट की वैश्विक कनेक्टिविटी का लाभ अब यात्रियों को अमृतसर से ही मिल सकेगा।
नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, “यात्री अब एक ही चेक-इन और एक ही बैगेज टैग के जरिए 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक यात्रा कर सकेंगे, जिससे पूरी यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और निर्बाध हो जाएगी।”
वर्तमान में हर वर्ष करीब 1.5 लाख यात्री अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने के लिए अमृतसर से दिल्ली जाते हैं, जबकि लगभग 1.5 लाख यात्री विदेशों से दिल्ली पहुंचकर अमृतसर आते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “इस एकीकृत व्यवस्था के तहत यात्रा काफी आसान हो जाएगी, जिससे हमें यात्री संख्या में तेज वृद्धि की उम्मीद है।”
अब अंतरराष्ट्रीय यात्री अमृतसर में ही चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम्स की सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। उनका सामान अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक सीधे टैग किया जाएगा। इसके बाद वे निर्धारित हब एयरपोर्ट (दिल्ली) पर बिना दोबारा इमिग्रेशन या कस्टम्स प्रक्रिया से गुजरे अपनी अगली अंतरराष्ट्रीय उड़ान में आसानी से स्थानांतरित हो सकेंगे।
इस सेवा की शुरुआत 25 जून को वाराणसी से भारत की पहली हब एंड स्पोक उड़ान व्यवस्था शुरू होने के बाद की गई है।
पिछले एक महीने में वाराणसी से यात्रा शुरू करने वाले यात्री दिल्ली के माध्यम से 18 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक निर्बाध रूप से पहुंचे हैं, जिससे इस पहल की सफलता और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सरल बनाने की इसकी क्षमता साबित हुई है।
वीडियो संदेश के माध्यम से राम मोहन नायडू ने कहा, “दिल्ली हब की भूमिका निभाएगा, जबकि अमृतसर पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में उभरेगा। मजबूत प्रवासी भारतीय समुदाय और व्यापक क्षेत्रीय पहुंच के कारण अमृतसर उन भारतीय शहरों में शामिल है, जिन्हें इस वैश्विक कनेक्टिविटी परिवर्तन से सबसे अधिक लाभ मिलेगा।”
अमृतसर भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वारों में से एक है। यह पंजाब और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं, प्रवासी भारतीयों, कारोबारी यात्रियों और पर्यटकों की महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करता है।
यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के अलावा, इस पहल से पर्यटन, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मंत्रालय के अध्ययनों के अनुसार, एविएशन हब ऑपरेशंस के विकास से 2030 तक लगभग 4 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो सकते हैं तथा भारतीय अर्थव्यवस्था में 30 अरब डॉलर का अतिरिक्त योगदान मिल सकता है।
वहीं, 2047 तक इस पहल का कुल प्रभाव लगभग 1.6 करोड़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने तथा देश की अर्थव्यवस्था में करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देने का अनुमान है।
–आईएएनएस
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