मुंबई, 24 जुलाई (आईएएनएस)। टीवी अभिनेत्री रावी गुप्ता इन दिनों अपने चर्चित शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के दूसरे सीजन को लेकर चर्चा में हैं। सालों बाद इस लोकप्रिय शो में वापसी करने वाली रावी ने अपने को-स्टार और शो की मुख्य अभिनेत्री स्मृति ईरानी के साथ काम करने का अनुभव साझा किया है।
उन्होंने कहा है कि इतनी बड़ी पहचान और लंबा अनुभव होने के बावजूद स्मृति सेट पर कभी भी अपने स्टारडम का दिखावा नहीं करतीं।
रावी गुप्ता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, ”स्मृति ईरानी बेहद शानदार अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक अच्छी इंसान भी हैं। उनके पास बड़ी पहचान है, लेकिन वह इसे कभी अपने व्यवहार में नहीं आने देतीं। वह सेट पर सभी को बराबर महत्व देती हैं और हर कलाकार के काम को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। उनसे हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है और उनके साथ काम करना हमेशा एक अच्छा अनुभव रहता है।”
रावी ने कहा, ”जब भी स्मृति कोई सुझाव देती हैं तो मैं उसे बहुत ध्यान से सुनती हूं, क्योंकि उनके सुझाव हमेशा पूरे सीन और कलाकार के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए होते हैं। मैं पहले सीजन में भी इस शो का हिस्सा रह चुकी हूं और इतने सालों बाद उसी दुनिया में लौटना मेरे लिए पुराने दिनों में वापस जाने जैसा है।”
उन्होंने बताया, ”जब मैंने पहली बार दामिनी का किरदार निभाया था, तब यह किरदार काफी गुस्से वाला था। जिंदगी में मिले संघर्षों और परेशानियों की वजह से उसके अंदर काफी नाराजगी थी। लेकिन समय के साथ मेरा किरदार काफी बदल गया है। अब दामिनी एक समझदार महिला है और एक बड़े बेटे की मां भी है। जिंदगी के अनुभवों ने उसे काफी समझदार बना दिया है। मैं खुद भी इस किरदार से जुड़ाव महसूस कर रही हूं, क्योंकि मेरी अपनी जिंदगी में भी समय के साथ काफी बदलाव आए हैं।”
रावी ने कहा, ”इतने लंबे अंतराल के बाद उसी किरदार में वापसी करना आसान नहीं था। मुझे डर था कि दर्शक मेरे किरदार को दोबारा स्वीकार करेंगे या नहीं। बीच के समय में यह किरदार किसी और कलाकार ने भी निभाया था, इसलिए तुलना होना स्वाभाविक है। हालांकि, मुझे अपनी अभिनय क्षमता पर भरोसा है, लेकिन मन में ये सवाल जरूर आते थे।”
रावी गुप्ता ने शो में दोबारा मौका देने के लिए निर्माता एकता कपूर का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि वह इस अवसर के लिए बेहद आभारी हैं और जिस तरह दर्शकों ने उन्हें दोबारा स्वीकार किया है, उससे वह खुश हैं।
–आईएएनएस
पीके/एबीएम
