मनीला, 23 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं पहुंचाईं और आसियान की अध्यक्षता के लिए भारत का पूर्ण समर्थन जारी रखने की बात कही।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी। कहा कि उन्हें राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर से मुलाकात कर खुशी हुई।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर तक पहुंचाईं और आसियान की अध्यक्षता के सफल संचालन के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।”
विदेश मंत्री जयशंकर फिलीपींस की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां वह आसियान ढांचे के तहत आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठकों में भाग ले रहे हैं।
इससे पहले बुधवार को उन्होंने फिलीपींस की विदेश मंत्री मारिया थेरेसा पी. लाजारो से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा की।
जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश, शिक्षा, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, क्षमता निर्माण तथा विकास सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
बैठक के बाद फिलीपींस की विदेश मंत्री थेरेसा लाजारो ने भी कहा कि दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को लेकर सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा, “दोनों देशों ने फिनटेक, व्यापार एवं निवेश, उच्च शिक्षा, दवा उद्योग, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।”
भारत में फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने आईएएनएस से बातचीत में जयशंकर की यात्रा को महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने कहा, “विदेश मंत्री वर्ष 2022, 2024 और अब 2026 में लगातार फिलीपींस का दौरा कर चुके हैं। इस नियमित संवाद से दोनों देशों के बीच आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा का अवसर मिलता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि मनीला में आसियान-भारत पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक का आयोजन भी हुआ, जिसे क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
–आईएएनएस
केआर/
