चिसीनाउ, 20 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को मोल्दोवा की राजधानी चिसीनाउ में अपने राजकीय दौरे के दौरान ‘स्टीफन सेल मारे सी स्फांट’ स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्थानीय सरकार के अनुसार, यह कांस्य प्रतिमा स्टीफन सेल मारे (द ग्रेट) की याद में बनाई गई है। उन्हें मोल्दोवा का सबसे महान शासक माना जाता है, जिन्होंने 15वीं शताब्दी में तुर्की के आक्रमण से देश की सफलतापूर्वक रक्षा की थी।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चिसीनाउ में स्टीफन सेल मारे सी स्फांट स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह स्मारक देश के इतिहास में उनके अमूल्य योगदान की याद दिलाता है।”
राष्ट्रपति मुर्मू सोमवार को मोल्दोवा पहुंचीं। यह उनकी मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा का पहला पड़ाव है। किसी भारतीय राष्ट्रपति का यह मोल्दोवा का पहला दौरा है। चिसीनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मोल्दोवा के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मिहाई पोपशोई ने उनका स्वागत किया।
इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू से चिसीनाउ राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-मोल्दोवा के आपसी संबंधों की समीक्षा की और सहयोग को मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
बैठक से पहले राष्ट्रपति मुर्मु का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
चिसीनाउ में भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत साझा समृद्धि और टिकाऊ आर्थिक विकास के लिए भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बहुत महत्वपूर्ण मानता है।
उन्होंने कहा, “भारत, मोल्दोवा की कंपनियों के लिए व्यापार और कारोबार के अच्छे अवसर देता है। हम पारदर्शी, भरोसेमंद और निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
अपने दौरे को मोल्दोवा की किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा बताते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह भारत की उस प्रतिबद्धता को दिखाता है, जिसके तहत दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “मोल्दोवा की मेरी यह यात्रा किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा है। यह इस बात का प्रतीक है कि भारत, मोल्दोवा के साथ राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को हर क्षेत्र में गहरा करना चाहता है। मेरे साथ भारत का बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है।”
राष्ट्रपति ने कहा, “उनकी मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि भारतीय उद्योग जगत को मोल्दोवा की आर्थिक संभावनाओं पर भरोसा है और वह वहां लंबे समय तक मजबूत साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
–आईएएनएस
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