राम मंदिर चढ़ावा मामला: वकीलों की शिकायत पर एफआईआर न होने से फैजाबाद बार एसोसिएशन में नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी


अयोध्या, 8 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में वकीलों द्वारा दी गई शिकायत पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर फैजाबाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत में उठाए गए तथ्यों और मंदिर ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में काफी अंतर है। साथ ही, मामले में निष्पक्ष जांच और नई एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

फैजाबाद बार एसोसिएशन की कोर कमेटी के सदस्य और अधिवक्ता सौरभ मिश्रा ने कहा कि उनकी ओर से शिकायत की प्रतियां सभी संबंधित अधिकारियों को दी गई थीं। उन्होंने दावा किया कि उनके आवेदन में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है और ट्रस्ट द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में दर्ज तथ्यों में काफी अंतर है।

सौरभ मिश्रा ने कहा कि पहले बरामद की गई राशि के मुद्दे को भी शिकायत में उठाया गया था। उनके अनुसार, जिस तरह की बरामदगी का दावा किया गया, वैसी कोई वास्तविक बरामदगी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में चंपत राय, गोपाल दास और अनिल मिश्रा के संबंध में भी सवाल उठाए गए थे। उनका कहना है कि एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन उसी रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से अब जो पांच बिंदु सामने रखे जा रहे हैं, वे उनकी शिकायत में उल्लेखित तथ्यों से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय, गोपाल दास और अनिल मिश्रा को बचाने की कोशिश की जा रही है। हम किसी को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं, लेकिन अगर आरोप है तो एफआईआर होनी चाहिए और जांच होनी चाहिए। बेगुनाह पाए जाने पर उनको हटा दिया जाए। जिस तरह से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज की जा रही है, और इन लोगों के आधार पर शिकायत दर्ज की गई है।

वहीं, अधिवक्ता संजीव दुबे ने कहा कि इस मामले में पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई है और न ही उन्हें किसी तरह की आधिकारिक जानकारी दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में लगातार नए नाम जोड़े जा रहे हैं। संजीव दुबे ने कहा कि यदि किसी दानपात्र से धन बरामद होता है तो उसकी जवाबदेही संबंधित लोगों की भी बनती है। उन्होंने बताया कि बार एसोसिएशन इस संबंध में नई एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अगर जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर नहीं होती है तो 22 जुलाई से पहले हम अपने संघ की बैठक करेंगे और जहां ट्रस्ट की बैठक होगी, वहां जाकर इनका घेराव करेंगे।

फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने कहा कि 2 जुलाई को राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद एसोसिएशन की गठन समिति ने मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार की और कई लोगों को दोषी पाया।

उन्होंने कहा कि शिकायत दिए जाने के बाद भी अब तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। इससे वकीलों में भारी नाराजगी है। कालिका मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो अधिवक्ता आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इस मामले को लेकर बुधवार को बैठक की गई। बैठक में तय किया गया कि प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो हमारा आंदोलन उग्र होगा।

उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक से मिलेंगे और एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे। एक प्रतिनिधिमंडल रामजन्मभूमि थाने जाएगा और उनसे एफआईआर की कॉपी मांगेगा। अगर नहीं मिला तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। हमारी तरफ से गठित कमेटी और अधिवक्ताओं की मांग है कि हमारी प्राथमिकी दर्ज हो और जांच में शामिल हो।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी


Related Articles

Latest News