राजधानी के लालबाग स्थित नगर निगम के 113 साल पुराने मुख्यालय को जल्द ही धरोहर संग्रहालय का स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत करीब 24 करोड़ रुपये*का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। योजना के तहत भवन की मरम्मत, नई छत का निर्माण और फॉल्स सीलिंग हटाकर इसे संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
संग्रहालय में दिखेगा नगर निगम का इतिहास
प्रस्ताव के अनुसार, भवन को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यहां आने वाले लोग नगर निगम के इतिहास, उसकी कार्यप्रणाली और विरासत से जुड़ी जानकारियां देख और समझ सकें। भवन को संग्रहालय जैसा स्वरूप देने के लिए आंतरिक और बाहरी संरचना का संरक्षण भी किया जाएगा।
नए मुख्यालय में शिफ्ट होने के बाद शुरू होगा काम
नगर निगम का नया मुख्यालय गोमती नगर स्थित केंद्रीय कार्यशाला परिसर में निर्माणाधीन है, जिसके अगले वर्ष अप्रैल तक तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद मुख्यालय को नए भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा के अनुसार, पुराने भवन को संग्रहालय में बदलने का कार्य मुख्यालय के शिफ्ट होने के बाद शुरू किया जाएगा।
1927 से नगर निगम के उपयोग में है भवन
लालबाग स्थित यह भवन 6 अक्टूबर 1927 को नगर निगम ने रेलवे से एक लाख रुपये*देकर लीज पर लिया था। लंबे समय से यह भवन नगर निगम मुख्यालय के रूप में उपयोग में है और शहर की प्रशासनिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
खस्ताहाल भवन में काम कर रहे हैं करीब 500 कर्मचारी
वर्तमान में इसी जर्जर भवन में नगर निगम मुख्यालय के साथ जोन-1 कार्यालय भी संचालित हो रहा है। यहां लगभग 500 कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं। भवन में कई बार प्लास्टर और फॉल्स सीलिंग गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। नए मुख्यालय के तैयार होने के बाद मुख्यालय गोमती नगर और जोन-1 कार्यालय चकबस्त रोड स्थित निर्माणाधीन भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
