30 जून का पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर करें दान-पुण्य, सुबह 11:35 से दोपहर 12:29 बजे तक अभिजित मुहूर्त


नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है।

30 जून 2026 (मंगलवार) को आषाढ़ मास (या ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष) की प्रतिपदा तिथि है। इस दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है।

मंगलवार को मध्य रात्रि 1:28 बजे से रात 3:15 बजे तक अमृत काल रहेगा, जबकि सुबह 3:46 से 4:34 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा।

इस दिन सुबह 5:12 बजे सूर्योदय और शाम 6:53 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, शाम 7:26 बजे चन्द्रोदय और सुबह 5:06 बजे चन्द्रास्त होगा।

पंचांग के अनुसार 30 जून 2026 को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी राहु हैं। चंद्रमा मूल नक्षत्र में रहेगा।

वहीं, 30 जून 2026 (मंगलवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। इस दिन ब्रह्म योग दोपहर 02:49 बजे तक रहेगा, जिसके बाद इन्द्र योग लगेगा।

कोई भी महत्वपूर्ण कार्य अभिजित मुहूर्त में सुबह 11:35 से दोपहर 12:29 बजे तक करने से काफी शुभ रहेगा। यह दिन के मध्य का सबसे शुभ और शक्तिशाली समय माना जाता है, जिसमें किसी भी नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ या महत्वपूर्ण निर्णय लेना अत्यंत फलदायी होता है।

वहीं, राहुकाल दोपहर 03:55 बजे से शाम 05:39 बजे तक रहेगा, गुलिक काल दोपहर 12:02 बजे से 1:45 बजे तक और यमघण्टकाल सुबह 09:10 से 10:46 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है। वहीं, इस दिन सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा धनु राशि में गोचर करेंगे।

30 जून 2026 (मंगलवार) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर यात्रा करना आवश्यक भी है, तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए।

–आईएएनएस

एसडी/एएस


Related Articles

Latest News