भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश संगठन में बदलाव करते हुए वरिष्ठ नेता राम किशोर साहू को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी की नई प्रदेश टीम में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने को संगठन में उनके बढ़ते प्रभाव और लंबे अनुभव का सम्मान माना जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले हुई यह नियुक्ति राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है।
प्रदेश मंत्री से क्षेत्रीय अध्यक्ष तक
राम किशोर साहू इससे पहले भाजपा के प्रदेश मंत्री के पद पर कार्य कर चुके हैं। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पदोन्नति देते हुए कानपुर क्षेत्र की कमान सौंपी है। उन्होंने लंबे समय तक संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहकर पार्टी को मजबूत करने का काम किया है।
ओबीसी चेहरे पर दांव
राम किशोर साहू पिछड़ा वर्ग के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनकी नियुक्ति के जरिए भाजपा ने साहू समाज सहित अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं को साधने का प्रयास किया है। प्रदेश की राजनीति में ओबीसी वर्ग की अहम भूमिका को देखते हुए यह फैसला चुनावी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की बड़ी जिम्मेदारी
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र भाजपा के प्रमुख संगठनात्मक क्षेत्रों में शामिल है। इस क्षेत्र के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण जिले आते हैं, जहां पार्टी की चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने में क्षेत्रीय अध्यक्ष की भूमिका अहम होती है। राम किशोर साहू के सामने संगठन को और मजबूत करने तथा बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की चुनौती होगी।
