राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना का खुलासा होने के 19 दिन बाद और विशेष जांच दल (SIT) की सिफारिश के दो दिन बाद आखिरकार पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। इस मामले में आठ नामजद आरोपियों समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अब तक लगभग 60 लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है, जबकि जांच एजेंसियां बैंक अधिकारियों समेत अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
दो से तीन साल से चल रहा था खेल!
जांच में सामने आया है कि कथित रूप से चढ़ावे की राशि में हेराफेरी का यह सिलसिला पिछले दो से तीन वर्षों से चल रहा था। आरोप है कि गणना के दौरान नकदी अलग निकालकर उसे पहले बाथरूम में छिपाया जाता था और बाद में मौका मिलने पर मंदिर परिसर से बाहर ले जाकर आपस में बांट लिया जाता था।
एसआईटी जांच में सामने आए कई अहम सुराग
एसआईटी की जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कई लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। अब पुलिस विवेचना में डिजिटल साक्ष्यों, बैंक लेनदेन और बरामद रकम का मिलान करेगी।
