बेंगलुरु, 25 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने गुरुवार को कहा कि वह बीसीसीआई लोकपाल के उस आदेश की जांच कर रहा है, जिसमें उसके सचिव संतोष मेनन को अधिकतम कार्यकाल सीमा का उल्लंघन करने के कारण अयोग्य ठहराया गया है। संघ अपने विकल्पों का मूल्यांकन करने के लिए उचित कानूनी सलाह लेगा।
केएससीए की यह प्रतिक्रिया बीसीसीआई ओम्बड्समैन जस्टिस अरुण मिश्रा (रिटायर्ड) की तरफ से ‘डॉल्फिन क्रिकेटर्स’ की शिकायत को सही ठहराने के बाद आई है। ओम्बड्समैन ने फैसला सुनाया कि मेनन ने मैनेजिंग कमेटी के सदस्य और पदाधिकारी के तौर पर अपना 9 साल का अधिकतम कार्यकाल 16 दिसंबर 2025 को पूरा कर लिया था।
केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने बयान में कहा, “हमने बीसीसीआई लोकपाल की तरफ से पारित आदेश पर ध्यान दिया है और फिलहाल इसकी विस्तार से जांच कर रहे हैं। कानून के तहत उपलब्ध सभी उपायों और विकल्पों का मूल्यांकन करने के लिए उचित कानूनी सलाह ली जा रही है। इस चरण में, आदेश के कानूनी प्रभावों की व्यापक जांच होने तक कोई और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।”
मेनन ने पिछले साल दिसंबर में हुए चुनाव को जीतने वाले वेंकटेश प्रसाद के गुट का हिस्सा रहने के बाद केएससीए सेक्रेटरी का पद संभाला था। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज प्रसाद ने एक कानूनी विरोधाभास की तरफ भी इशारा करते हुए बताया कि राज्य संस्था के अपने लोकपाल ने पहले ही इस मामले को मंजूरी दे दी थी।
उन्होंने कहा, “ऐसा इसलिए भी है क्योंकि 5 फरवरी 2026 का आदेश जस्टिस (रिटायर्ड) एएस बोपन्ना की ओर से पारित किया गया था, जो केएससीए के उप-नियमों के तहत सभी सदस्यों पर बाध्यकारी है, लेकिन दुर्भाग्य से, बीसीसीआई लोकपाल ने इस मुद्दे पर विपरीत राय ली है। दोनों आदेशों के कानूनी प्रभाव और आपसी संबंध की फिलहाल जांच की जा रही है। हम कानून के शासन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और लागू कानूनी ढांचे का पूरी तरह से पालन करते हुए संघ के सर्वोत्तम हित में काम करना जारी रखेंगे। कानूनी समीक्षा पूरी होने पर, अगर जरूरी समझा गया तो आगे का बयान जारी किया जाएगा। हम मीडिया को उनकी समझ, धैर्य और निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं।”
–आईएएनएस
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