उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी अब वैश्विक पर्यटन और हवाई यात्रा के नक्शे पर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गेटवे के रूप में उभर चुका है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने गुरुवार को बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर एयर इंडिया की अभिनव ‘ईजी कनेक्ट’ (Easy Connect) सेवा का आधिकारिक उद्घाटन किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहले वाराणसी और आस-पास के क्षेत्रों से विदेश जाने वाले मुसाफिरों को दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों में उतरकर अपना सामान बेल्ट से दोबारा कलेक्ट करना पड़ता था। इसके बाद सुरक्षा जांच, इमिग्रेशन और री-चेक-इन की लंबी कतारों से गुजरना होता था। लेकिन अब ‘ईजी कनेक्ट’ के तहत यात्री वाराणसी एयरपोर्ट पर ही एक बार में चेक-इन और इमिग्रेशन (आव्रजन) की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। इसके बाद दिल्ली पहुंचने पर वे बिना किसी अतिरिक्त औपचारिकता के सीधे एक अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट पैसेंजर की तरह अपनी विदेशी उड़ान में सवार हो सकेंगे।
क्या है ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल?
केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू ने इस नई व्यवस्था को विमानन क्षेत्र का हब एंड स्पोक (Hub and Spoke) मॉडल बताया। दिल्ली और मुंबई जैसे देश के विशाल एयरपोर्ट ‘हब’ की भूमिका निभाएंगे। वाराणसी जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों के हवाई अड्डे ‘स्पोक’ की तरह काम करेंगे, जो इन मुख्य हब के माध्यम से पूरी दुनिया से जुड़ेंगे।
नागरिक उड्डयन मंत्री ने घोषणा की है कि अगले 6 हफ्तों के भीतर देश के 6 और प्रमुख शहरों को इस बेहतरीन मॉडल से जोड़ दिया जाएगा। साथ ही पटना और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी इस सुविधा को शुरू करने की तैयारी है। भविष्य में इंडिगो एयरलाइंस भी मुंबई को अपना मुख्य हब बनाकर ऐसी सेवाएं दे सकती है।
