राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं ने बेलरायां सहित कुछ अन्य सीएलएफ (संकुल स्तरीय संघ) पदाधिकारियों पर नियमों की अनदेखी, मनमानी और महिलाओं के शोषण का आरोप लगाते हुए पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को शिकायती पत्र सौंपा है। महिलाओं ने कई पदाधिकारियों की संपत्ति की जांच कराने के साथ ही नियमानुसार पदाधिकारी बदलाव की मांग उठाई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने डीसी एनआरएलएम को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा है।
वर्षों से जमे पदाधिकारी
आरोप है कि मिशन की गाइडलाइन के अनुसार सीएलएफ पदाधिकारियों का कार्यकाल दो वर्ष निर्धारित है, लेकिन विकासखंड निघासन के कई सीएलएफ में पदाधिकारी वर्षों से अपने पदों पर बने हुए हैं। कुछ पदाधिकारी सात वर्ष से अधिक समय से एक ही पद पर काबिज हैं। जब भी ब्लॉक स्तर पर शासनादेशों के अनुरूप पदाधिकारी बदलाव की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो कुछ पदाधिकारी इसका विरोध करने लगते हैं और बदलाव नहीं होने देते। वर्तमान में ब्लॉक पर तैनात ब्लॉक मिशन मैनेजर आशीष दीक्षित के नियमानुसार कार्य कराए जाने और पदाधिकारी बदलाव की चर्चा शुरू किए जाने के बाद कुछ पदाधिकारी उन पर बेबुनियाद आरोप लगाकर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं ने बेलरायां सहित कुछ अन्य सीएलएफ (संकुल स्तरीय संघ) पदाधिकारियों पर नियमों की अनदेखी, मनमानी और महिलाओं के शोषण का आरोप लगाते हुए पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को शिकायती पत्र सौंपा है। महिलाओं ने कई पदाधिकारियों की संपत्ति की जांच कराने के साथ ही नियमानुसार पदाधिकारी बदलाव की मांग उठाई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने डीसी एनआरएलएम को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा है।
वर्षों से जमे पदाधिकारी
आरोप है कि मिशन की गाइडलाइन के अनुसार सीएलएफ पदाधिकारियों का कार्यकाल दो वर्ष निर्धारित है, लेकिन विकासखंड निघासन के कई सीएलएफ में पदाधिकारी वर्षों से अपने पदों पर बने हुए हैं। कुछ पदाधिकारी सात वर्ष से अधिक समय से एक ही पद पर काबिज हैं। जब भी ब्लॉक स्तर पर शासनादेशों के अनुरूप पदाधिकारी बदलाव की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो कुछ पदाधिकारी इसका विरोध करने लगते हैं और बदलाव नहीं होने देते। वर्तमान में ब्लॉक पर तैनात ब्लॉक मिशन मैनेजर आशीष दीक्षित के नियमानुसार कार्य कराए जाने और पदाधिकारी बदलाव की चर्चा शुरू किए जाने के बाद कुछ पदाधिकारी उन पर बेबुनियाद आरोप लगाकर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
