पटना, 21 जून (आईएएनएस)। बिहार सरकार ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत के मामले की न्यायिक जांच कराने का निर्णय भले ही ले लिया हो, लेकिन इस कथित मुठभेड़ को लेकर शुरू हुई बयानबाजी का दौर थमता नजर नहीं आ रहा।
इस बीच, भाजपा के विधान पार्षद और भोजपुरी सिनेमा स्टार पवन सिंह ने इस घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि ग्राम बेलौटी, भोजपुर निवासी स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी केवल इतना चाहते थे कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान करें तथा गरीब, वंचित एवं बाढ़ पीड़ित परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित न रखा जाए।
उन्होंने कहा कि भरत समाज के लिए संघर्ष करने वाले एक जागरूक एवं संवेदनशील व्यक्ति थे। उन्होंने सदैव गरीबों, असहायों, दलितों एवं जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाने का कार्य किया। कोरोना महामारी, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं तथा अन्य कठिन परिस्थितियों में उन्होंने अपने सामर्थ्य से बढ़कर समाज सेवा की। उनके अनेक ऐसे उदाहरण मौजूद हैं, जिनमें वे प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं समाज के लोगों के साथ मिलकर जनहित के कार्य करते दिखाई देते हैं।
उन्होंने कहा, “आज उनकी मृत्यु की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना को लेकर अनेक प्रश्न उठ रहे हैं। यदि विभिन्न माध्यमों से प्रसारित जानकारी एवं वीडियो में दिखाई गई परिस्थितियां सही हैं तो यह आवश्यक है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं न्यायसंगत जांच कराई जाए, ताकि सत्य जनता के सामने आ सके।”
विधान पार्षद ने फेसबुक पर अपने पोस्ट में लिखा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है। कानून का शासन तभी मजबूत माना जाता है जब हर घटना की जांच निष्पक्ष रूप से हो और दोषी चाहे कोई भी हो, उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए।
उन्होंने बिहार सरकार एवं संबंधित उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सत्य सामने आए और न्याय सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी का सामाजिक योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी स्मृति को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं तथा ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मैं शीघ्र ही पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करूंगा तथा निष्पक्ष जांच की मांग को मजबूती से उठाऊंगा।
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई पुलिस मुठभेड़ में मानसिक रूप से परेशान युवक भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठे थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। सरकार ने मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने का फैसला किया है।
–आईएएनएस
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